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Bihar election : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शुरु होगी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच; वेबकास्टिंग भी होगी

Mon, 16 Jun 2025 08:53 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष रह गये हैं, इसलिए अब तैयारी की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मंगलवार से ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरु हो जाएगी। यह जांच कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वेयर हाउस में सुबह 09 से शाम 07 बजे तक चलेगी।  
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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते जिलाधिकारी सावन कुमार।
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विस्तार
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सुपौल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार से ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरु हो जाएगी। यह जांच कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वेयर हाउस में सुबह 09 से शाम 07 बजे तक चलेगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी सावन कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय वेश्म में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईसीआईएल कंपनी द्वारा निर्मित ईवीएम और वीवीपैट मॉडल एम-3 द्वारा बिहार विधानसभा का चुनाव होना है। इसके मद्देनजर जिले में कुल 3184 बैलेट यूनिट, 2498 कंट्रोल यूनिट और 2696 वीवीपैट सुरक्षित हैं। फिलहाल जिले में कुल 1594 मतदान केंद्र हैं। जिसमें निर्मली में 324, पिपरा में 312, सुपौल में 320, त्रिवेणीगंज में 303 और छातापुर में 335 बूथ शामिल हैं।

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बिना प्रवेश पत्र  जाने की नहीं होगी अनुमति
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के लिए बतौर प्रेक्षक महाराष्ट्र के उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी योगेश गोशावी सुपौल पहुंच चुके हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईसीआईएल के 14 इंजीनियरों की टीम मशीनों की जांच करेगी। जांच के लिए कुल मतदान केंद्रों के 125 फीसदी बैलेट और कंट्रोल यूनिट तथा 135 फीसदी वीवीपैट की आवश्यकता होती है। जिले में ये पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जांच के मद्देनजर प्रतिनियुक्त अधिकारी व कर्मी सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पहचान पत्र जारी किया गया, जिसके बिना प्रवेश पत्र  की अनुमति नहीं होगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि जांच का निरीक्षण करेंगे और पिंक पेपर सील तथा उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर करेंगे। जांच प्रक्रिया की वेबकास्टिंग भी होगी। जांच में खराब मशीनों को 07 दिनों के अंदर कंपनी के हैदराबाद मुख्यालय भेजा जाएगा।

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इस प्रकार होगी बैलेट ईवीएम की जांच
जांच के दौरान बैलेट यूनिट में डमी बैलेट लगा कर प्रत्येक बटन द्वारा 06-06 वोट यानि कुल 96 वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 01 फीसदी ईवीएम में 1200, 02 फीसदी में 1000 और 02 फीसदी में 500 वोट डाल कर मॉक पोल किया जाएगा। जांच के लिए पीएफएलसीयू मशीन का प्रयोग होगा। जांच में सही पाए गए ईवीएम को वेयर हाउस में डबल लॉक कर रखा जाएगा। जिसकी एक चाभी जिलाधिकारी और दूसरी उप निर्वाचन पदाधिकारी के पास होगी। चुनाव अधिसूचना के बाद ही इसे खोला जाएगा। जांच में सही मशीनों की सूचि राजनीतिक दलों को सौंपी जाएगी। वही इस दौरान 16 से अधिक अभ्यर्थियों की संभावना के मद्देनजर एक कंट्रोल यूनिट में 04 बैलेट यूनिट जोड़ कर भी लोड टेस्ट किया जाएगा।

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जिले में 409 बूथ पर हैं 1200 से अधिक वोटर
जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल जिले में पांचों विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 लाख से अधिक वोटर रजिस्टर्ड हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चुनाव नामांकन तक जारी रहेगी। बताया कि 409 बूथ पर 1200 से अधिक वोटर हैं। इसमें 282 नए बूथ बनाए जाएंगे। अन्य बूथ के वोटरों को नजदीकी बूथ में शिफ्ट किया जाएगा। नए 265 बूथ उसी भवन में बनेंगे, जहां पहले से मतदान केंद्र है। वही 17 के लिए नए भवन तलाशे जा रहे हैं। वोटरों की संख्या बढ़ने पर सहायक बूथ की संख्या बढ़ाई जा सकती है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक कर उन्हें बूथ लेवल एजेंट-2 बनाने को कहा गया है।

कर्मियों का भी तैयार हो रहा डाटाबेस
डीएम ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर 90 फीसदी कर्मियों का डाटा संग्रह एनआईसी द्वारा किया जा चुका है। इसके अलावा जिले में सीपीएफ के लिए 55 आवासन स्थल चिह्नित किए गए हैं। मतदान केंद्रों की टैगिंग के साथ सेक्टर पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। ये संवेदनशील व्यक्तियों और टोलों की पहचान भी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक 10 मतदान केंद्र पर बीएलओ पर्यवेक्षक को नियुक्त किया गया है, जो मतदाता सूची निर्माण में निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी का सहयोग और बीएलओ की समीक्षा करेंगे।

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