विकास की रूपरेखा के साथ ज्ञापन सौंपते सांसद।
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ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है सिंहेश्वर
सांसद ने अपने ज्ञापन में कहा है कि सुपौल संसदीय क्षेत्र के मधेपुरा जिला अंतर्गत सिंहेश्वर प्रखंड के सिंहेश्वर में विश्व प्रसिद्ध बाबा भोले नाथ (बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम) का मंदिर है। सिंहेश्वर एतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि सुप्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ की नगरी को काशी विश्वनाथ की तरह धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने की जरूरत है। धार्मिक कॉरिडोर से जुड़ने के बाद मंदिर का शिल्प दर्शनीय होगा। धार्मिक कॉरिडोर बनने से बाबा नगरी सिंहेश्वर को पर्यटन स्थल के रूप प्रसिद्धि मिलेगी। वही इससे बिहार के कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के अवसर भी खुलेंगे
बाबा सिंहेश्वर की पूजा-अर्चना के लिए फिलहाल कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल सहित नेपाल और बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कॉरिडोर के निर्माण और मंदिर के पुनर्विकास से यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के भी नए अवसर खुलेंगे। यह रोजगार के अनुकूल सिद्ध होगा। कॉरिडोर की मान्यता मिलने पर बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पट पर उभरेगा, जिससे लोगों में अध्यात्मिक रूचि बढ़ेगी। सिंहेश्वर में मंदिर की नई संरचना के साथ पर्यटकों को अध्यात्मिक और मनोरम दृश्य देखने को मिलेगा। इससे पर्यटन उद्योग को भी बल मिलेगा।