सहरसा नगर निगम क्षेत्र स्थित पासवान टोला में कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों ने रविवार को तूल पकड़ लिया। बजरंग दल की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापामारी की और तीन लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान दो महिलाएं मौके से फरार हो गईं।
गुप्त सूचना के आधार पर पहुंचा बजरंग दल
बजरंग दल को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग खुद को धार्मिक उपदेशक बताकर इलाके के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा स्थानीय निवासियों को आर्थिक और अन्य सुविधाओं का लालच दिया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के जिला अध्यक्ष पिंपल सिंह, जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा और अनंत झा रोशन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पांच लोग थे मौजूद, दो महिलाएं हुईं फरार
मौके पर कुल पांच लोग पाए गए, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। बजरंग दल और स्थानीय लोगों के पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच दो महिलाएं मौका पाकर वहां से भागने में सफल रहीं, जबकि तीन पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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आर्थिक लालच और सुविधाओं का प्रलोभन देने का आरोप
स्थानीय लोगों और बजरंग दल का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बदले लोगों को मिक्सी, फ्रिज, 50 हजार रुपये नकद, मुफ्त इलाज और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया जा रहा था। कहा गया कि इस तरह लोगों का ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्म बदलने के लिए तैयार किया जा रहा था।
हंगामे की सूचना मिलते ही सदर थाना के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीन पुरुषों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी ने अपना नाम धर्मेंद्र राय बताया है, जो खुद को पास्टर बताता है और पंचगछिया (विराट) का रहने वाला है। पुलिस फरार महिलाओं की तलाश भी कर रही है।
बजरंग दल का पक्ष
बजरंग दल के जिला अध्यक्ष पिंपल सिंह ने कहा कि उनका संगठन किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और संविधान सभी को धर्म की स्वतंत्रता देता है। हालांकि, लालच, धोखे या आर्थिक प्रलोभन के जरिए कराया गया धर्म परिवर्तन कानूनन अपराध है। संगठन ने जिला प्रशासन से पूरे नेटवर्क की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।