सहरसा जिले में सलखुआ थाना क्षेत्र के गोरदह निवासी एक किसान के कीटनाशक खाकर इहलीला समाप्त करने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने फाइनेंस कंपनी कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। 50 वर्षीय किसान देवानंद पासवान का शव लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
सभी आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी के लिए उनकी पत्नी ने प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था, जिसकी मासिक किश्त 4200 रुपये थी। तीन महीने की किश्त बकाया होने के कारण मंगलवार सुबह करीब आठ बजे फाइनेंस कंपनी का कर्मी उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए अपमानजनक बातें कही।
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इससे आहत होकर देवानंद पासवान ने कीटनाशक खा लिया। परिजन उन्हें सिमरी बख्तियारपुर स्वास्थ्य केंद्र और फिर निजी अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। बुधवार को शहर के निजी क्लीनिक में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करा परिजन को सौंप दिया। गुरुवार को परिजन और ग्रामीणों सड़क पर शव रखकर पुलिस से प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए। मृतक के बेटे अनुश कुमार ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि कर्ज के बोझ से एक किसान ने कीटनाशक दवा खा लिया था, जिसकी इलाज के क्रम में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के दबाव की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया है। इसको लेकर लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। उन लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया है और मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।