बिहार के सहरसा में बुधवार को अज्ञात बदमाशों की गोली का शिकार हुए 13 वर्षीय स्कूली छात्र अंकित आनंद की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। सिर में गोली लगने के बाद से ही वह कोमा में था और जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। मासूम की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।
वकील का बेटा था अंकित
मृतक की पहचान सहरसा नगर निगम क्षेत्र के सिमराहा (वार्ड नंबर चार) निवासी अनुज कुमार निराला के 13 वर्षीय पुत्र अंकित आनंद के रूप में हुई है। अनुज कुमार पिछले सात वर्षों से सहरसा सिविल कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। अंकित शहर के विद्या निकेतन स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने दो भाइयों में सबसे छोटा और परिवार का लाडला था।
स्कूल से लौटते वक्त दिया वारदात को अंजाम
रोते-बिलखते पिता ने बताया कि अंकित बुधवार सुबह करीब 10 बजे रोज की तरह साइकिल से स्कूल गया था। दोपहर करीब 3:30 बजे जब वह स्कूल से घर लौट रहा था, तभी घर से महज आधा किलोमीटर दूर सिमराहा में बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उसे निशाना बनाया। बदमाशों ने उसके सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए।
सिलीगुड़ी तक ले गए परिजन, नहीं बच सकी जान
खून से लथपथ अंकित को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। सहरसा के एक निजी अस्पताल के डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया था कि सिर में गोली लगने के कारण बच्चा कोमा में चला गया था। उसकी जान बचाने की कोशिश में परिजन उसे सिलीगुड़ी भी ले गए, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए। निराश परिजन उसे वापस सहरसा ले आए और एक निजी क्लीनिक में वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां शुक्रवार सुबह उसने अंतिम सांस ली।
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सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फिलहाल परिजनों की ओर से थाने में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। वहीं, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। वारदात के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि बाइक सवार हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।