मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के गम्हरिया मुस्लिम टोला में दस साल पहले हुए एक हत्या के एक मामले में अदालत ने 11 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिसमें सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक नूर आलम ने बताया कि सूचक मो. जाहीर ने मुरलीगंज थाना में मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि आपसी विवाद में गम्हरिया मुस्लिम टोला के कुछ लोगों ने उनके पिता मो. इकबाल की गोली मार दी थी, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष से 11 गवाहों को किया गया पेश
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों को पेश किया था। जिनकी गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे-8 के न्यायाधीश राजेश कुमार ने दोषियों को सजा सुनाई। जिसमें मो. सदीक, मो. मुर्तजा, मो. नसीर, मो. इसराफील, दूखा, मो. रूस्तम, मो. सफीक, मो. निजाम, मो. क्यूम, महेंद्र मुखिया और सत्तो यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत उम्रकैद, धारा 307/149 के तहत सात साल की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 148 के तहत एक साल की सजा तथा मो. मुर्तजा को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन साल की सजा सुनाई गई।
पीड़ित परिवार को जगी न्याय की उम्मीद
वहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी दोषियों को दी गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जिससे इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि दोषियों के परिजन इस फैसले से आहत हैं और अब ऊपरी अदालत में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं।