अधिवक्ता के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है
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सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थानाक्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 45 वर्षीय अधिवक्ता दुलारचंद शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना भौरा के पास तब घटी, जब बाइक सवार अपराधियों ने अधिवक्ता को रास्ते में रोककर उनके सिर और कमर में गोली मार दी। अधिवक्ता सहरसा व्यवहार न्यायालय में कार्यरत थे और अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के अनुसार कोर्ट जा रहे थे।
इलाज के दौरान हुई मौत
अधिवक्ता दुलारचंद शर्मा को गंभीर हालत में सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है और मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
जमीन विवाद और पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
अधिवक्ता के बेटे प्रिंस कुमार ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से पड़ोसियों के साथ जमीन विवाद से जूझ रहा था। पांच-छह साल पहले उनकी बहन की भी हत्या कर दी गई थी, जिसे जलाकर मारा गया था। इस घटना के पीछे भी उसी जमीन विवाद और पुरानी रंजिश को कारण माना जा रहा है। आरोपी राजकुमार यादव और उनके साथियों पर जमीन घेरने का आरोप भी है, जिसके चलते दुलारचंद शर्मा काफी समय से परेशान थे।
परिवार में छाया मातम
मृतक अधिवक्ता अपने पीछे पत्नी वीणा देवी, जो कि एक आंगनबाड़ी सेविका हैं, बेटे प्रिंस कुमार और एक बेटी को छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही सिमरी बख्तियारपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा अपराधियों की तलाश की जा रही है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि हत्या का कारण पुरानी रंजिश और जमीन विवाद हो सकता है, लेकिन मामले की तहकीकात जारी है। गौरतलब है कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सहरसा जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।