बिहार के सहरसा जिले से नाबालिग के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सलखुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में 55 वर्षीय व्यक्ति पर पड़ोस में रहने वाली 13 वर्षीय दिव्यांग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप है कि किशोरी के गर्भवती होने के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसे बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले गया और वहां उसका जबरन गर्भपात करा दिया। मामले में पीड़िता की मां के लिखित आवेदन पर पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने नामजद महिला आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
माता-पिता इलाज के लिए गए थे बाहर, घर में अकेली थी किशोरी
थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना इसी साल मार्च की बताई गई है। उस समय किशोरी के माता-पिता इलाज कराने के लिए बाहर गए हुए थे। घर में किशोरी अकेली थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाला 55 वर्षीय उमेश यादव रात करीब 11 बजे दीवार फांदकर घर में घुस गया और किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह पूरे परिवार को जान से मार देगा। धमकी से डरी किशोरी ने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया।
गर्भवती होने की जानकारी के बाद बढ़ा दबाव
कुछ समय बाद परिजनों को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। परिवार की ओर से इसका विरोध करने पर आरोपी पक्ष पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। आवेदन के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन किशोरी के माता-पिता अपने मायके गए हुए थे। इसी दौरान उमेश यादव और उसकी पत्नी दुरो देवी किशोरी को बहला-फुसलाकर एक निजी अस्पताल ले गए। आरोप है कि वहां किशोरी का जबरन गर्भपात करा दिया गया।
घर लौटने के बाद किशोरी ने रोते हुए परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही थीं। इससे परेशान होकर किशोरी की मां ने सलखुआ थाने पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई।
महिला सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सलखुआ थाना पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। जांच की जिम्मेदारी महिला सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ निशीकांत भारती ने बताया कि मामला सामने आते ही संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और न्यायालय में धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी की गई है। एसडीपीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।