विधानसभा में शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिक को लेकर काफी हंगामा हुआ। फिर एक पत्र भी वायरल हुआ जिसमें यह बताया गया कि विद्यालय में शिक्षकों के आने-जाने के समय को बदल दिया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि वह पत्र फर्जी था।
बिहार के विद्यालयों में शिक्षकों के आने और जाने के समय को लेकर एक पत्र वायरल हो रहा था जिसमें यह कहा जा रहा था कि शिक्षकों के लिए समय बदल दिया गया है। पत्र के अनुसार विद्यालय का समय विद्यालय की पहली घंटी 10 बजे शुरू होगी और अंतिम घंटी चार बजे खत्म होगी। सभी शिक्षक पहली घंटी शुरू होने से 15 मिनट पहले पहुंचे और अंतिम घंटी खत्म होने के 15 मिनट बाद ही विद्यालय छोड़ें। लेकिन शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए जो समय पहले निर्धारित था अब भी वही रहेगा।
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क्या लिखा था पत्र में
वायरल पत्र के अनुसार विद्यालय की पहली घंटी 10 बजे शुरू होगी और अंतिम घंटी चार बजे खत्म होगी। सभी शिक्षक पहली घंटी शुरू होने से 15 मिनट पहले पहुंचे और अंतिम घंटी खत्म होने के 15 मिनट बाद ही विद्यालय छोड़ें। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 28 नवंबर 2023 से शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिंग सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कर दी गई थी। इसमें बदलाव किया गया है। अब से शिक्षको की ड्यूटी टाइमिंग सुबह 9:45 बजे से शाम 4:15 तक कर दी गई है। सभी शिक्षक इस समय का पालन करें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में यह घोषणा की थी
बता दें कि विधानसभा में लगातार दो दिन शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिक को लेकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में ड्यूटी टाइम बदलने की बात कही तो फौरन शिक्षा विभाग ने स्कूल में पढ़ाई की टाइमिंग में बदलाव कर दिया था। शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिंग को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं था। इस मामले को लेकर सदन में फिर से विपक्ष के विधायकों ने हंगामा किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में घोषणा कर दी कि स्कूल में कक्षाएं 10 बजे से चलेंगी और शिक्षकों को 15 मिनट पहले पहुंचना होगा। अब यही नियम लागू होगा।