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क्रॉसिंग पर जाम का होगा समाधान: किशनगंज में पांच आरओबी को मंजूरी, शहर से ठाकुरगंज-पोठिया तक आसान होगा सफर

Fri, 02 Oct 2026 06:38 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज

सार

किशनगंज जिले में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए पांच नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इनमें एक आरओबी किशनगंज शहर, दो ठाकुरगंज और दो पोठिया प्रखंड में बनाए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की तैयारी है।
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फाइल फोटो।
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विस्तार
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किशनगंज जिले के निवासियों को रेलवे फाटकों पर लगने वाले भीषण जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने पांच नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के स्वीकृत होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है।
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इन ओवरब्रिज के बन जाने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन आवागमन के समय लगने वाले लंबे जाम समाप्त हो जाएंगे, जिससे आम लोगों के समय की बचत होगी और सड़क यातायात सुगम बन सकेगा। स्वीकृत योजना के अनुसार ये पांचों रेलवे ओवरब्रिज जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में निर्मित किए जाएंगे। इससे न केवल शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण और प्रखंड स्तरीय इलाकों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।

विभिन्न क्षेत्रों में ओवरब्रिज का निर्माण
प्रस्तावित पांच रेलवे ओवरब्रिज का वितरण जिले के विभिन्न इलाकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है। इनमें से एक ओवरब्रिज का निर्माण किशनगंज शहर में कराया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्र के व्यस्ततम मार्गों पर वाहनों का दबाव कम हो सके। वहीं दो ओवरब्रिज का निर्माण ठाकुरगंज प्रखंड में तथा दो अन्य ओवरब्रिज का निर्माण पोठिया प्रखंड क्षेत्र में करने की योजना है।
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इन तीनों क्षेत्रों में रेलवे लाइन गुजरने के कारण अक्सर आम जनता को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज बन जाने से वाहन चालक रेलवे लाइन के ऊपर से बिना रुकावट के अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे। इससे रेल मार्ग और सड़क मार्ग का यातायात पूरी तरह से पृथक हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को भी दिशा मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक तैयारी
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सबसे पहली और महत्वपूर्ण कड़ी भूमि अधिग्रहण की है। इस दिशा में जिला प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अक्षयवट तिवारी ने बताया कि पांचों रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि चिह्नित कर अधिग्रहण की कार्रवाई जल्द शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया होने के पश्चात ही निर्माण कार्य से संबंधित अगली तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से भूमि अधिग्रहण का काम पूरा किया जाए, ताकि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।

जाम और हादसों से राहत की उम्मीद
वर्तमान समय में जिले की विभिन्न रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान रेलवे फाटक बंद कर दिए जाते हैं। फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से व्यस्त समय में स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि फाटक खुलने के बाद भी यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। फाटक खुलते ही आगे निकलने की होड़ में अक्सर अव्यवस्था और हादसों की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
रेलवे क्रासिंग पर जाम की समस्या केवल सामान्य यात्रियों तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सबसे गंभीर प्रभाव आपातकालीन सेवाओं पर पड़ता है। गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस अक्सर बंद फाटकों और उसके कारण लगे जाम में फंस जाती हैं। इससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है और इलाज में महत्वपूर्ण समय नष्ट हो जाता है। इन ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो जाने के बाद एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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