गुजरात के उद्योगपति के बेटे के अपहरण के मामले में बिहार सरकार के एक मंत्री का हाथ होने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
अपहर्ताओं ने 25 करोड़ की फिरौती लेकर उद्योगपति हनीफ हिंगोरा के बेटे सोहैल हिंगोरा को छोड़ दिया था। पुलिस के मुताबिक सोहैल हिंगोरा को दमन से 29 अक्तूबर को अगवा कर लिया गया था और 31 अक्तूबर तक बिहार के छपरा में बंधक बनाकर रखा गया।
पटना में जब फिरौती की रकम चुकाई गई तभी वह छूट पाया। गुरुवार को नीतीश ने कहा, जब मुझे मामले का पता चला तभी मैंने डीजीपी से इसकी जांच करने को कहा। जो भी इस मामले में दोषी होगा वह बच नहीं पाएगा।
नीतीश ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहे जो हो, कानून के हाथ दोषी की गर्दन तक पहुंच ही जाएंगे। हनीफ ने अपने बेटे को छपरा में एक पुलिस अधिकारी के घर में रखे जाने और इसमें बिहार सरकार के एक मंत्री का हाथ होने का आरोप लगाया था।
नीतीश ने कहा कि मैं उस मंत्री का नाम जानना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मामले का खुलासा होने के बाद भी दमन पुलिस ने कभी बिहार पुलिस से संपर्क नहीं किया।