तंत्र-मंत्र करते तांत्रिक।
- फोटो : अमर उजाला
ओझाओं के दावे भी आपको अजूबे लगेंगे
मेले में आए लोगों ने कहा कि भूतों को पकड़ने और भगाने के लिए भारी संख्या में भगत और ओझा (तांत्रिक) भी इस मेले में पहुंचते हैं। जहां पर भगत और ओझा की दुकान पूरी रात चलती है। तांत्रिक रात भर चलने वाले इस अनुष्ठान के दौरान भूत से परेशान लोगों को निजात दिलाते दिखते हैं। भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी इस मेले में बड़ी संख्या में आकर अपनी मंडली लगाते हैं। जगह-जगह ओझाओं की मंडली सजी होती है। जो अलग-अलग अनुष्ठान कर रहे होते हैं। भूत भगाने का तस्वीर देखने को मिलती है। यहां अजीबोगरीब दृश्य दिखता है। कहीं तो भूत भगाने के लिए महिलाओं को बालों से खींचा जाता है। तो कहीं छड़ी यानी स्थानीय भाषा में जिसे बेत कहते हैं। उनसे पिटाई भी की जाती है। भूतों के इस अजूबे मेले में आए ओझाओं के दावे भी आपको अजूबे लगेंगे। सबसे मजेदार बात ये होती है कि भूतों की भाषा सिर्फ ओझा (तांत्रिक) और भगत समझते हैं।
भूत भगाने के नाम पर गंगा स्नान
अजीब बात यह है की भूत की भाषा पूर्णिमा की रात पहुंचे भगत और ओझा ही समझ पाते हैं। कहानी भूत भगाने के नाम पर महिलाओं को बाल से पकड़कर गंगा स्नान कराया जाता है। इतना ही नहीं बेंत से महिलाओं को पीट-पीटकर भूत को भगाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पूरे बिहार से हाजीपुर के कौनहारा घाट पर गंगा स्नान करने भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
भूत भगाने के नाम पर गंगा स्नान।
- फोटो : अमर उजाला