कन्हैया कुमार-नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
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जेएनयू के पूर्व छात्र और भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया कि वह सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ देशभर में चल रहे प्रदर्शनों को अपना समर्थन दें और राज्य विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कराएं।
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता ने शुक्रवार को गोपालगंज और सीवान की रैलियों में भी इस मांग को उठाया। वह अपनी जन गण मन यात्रा के दूसरे दिन गोपालगंज और सीवान गए थे। इस यात्रा के तहत वह ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ का संदेश दे रहे हैं।
कन्हैया कुमार ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि इन रैलियों का उद्देश्य चुनावी लाभ नहीं है और न ही इनका आयोजन कोई राजनीतिक दल करा रहा है। उन्होंने कहा, मैं बिहार के मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह हमारे मुद्दे का समर्थन करें और राज्य विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराएं। कई अन्य राज्यों ने इसकी मिसाल पेश की है।
बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने संसद में नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया था। हालांकि नीतीश असम के बाहर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध कर चुके हैं और उन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के मौजूदा प्रारूप पर भी नाखुशी जताई है।
इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को निजी तौर पर हस्तक्षेप करते हुए वामपंथी नेता कन्हैया कुमार और कांग्रेस को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ मार्च करने की इजाजत दी थी। कन्हैया को बिहार के पश्चिमी चंपारण जिला प्रशासन ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय सांसद के कहने पर हिरासत में लिया था।
जब इसके बारे में नीतीश कुमार को पता चला तो अपनी ताकत दिखाते हुए उन्होंने संबंधित जिला अधिकारी को फोन किया और इस कदम के लिए फटकार लगाई। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह अपने राज्य में एनआरसी और एनपीआर को लागू नहीं होने देंगे।