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रिहाई के वक्त शहाबुद्दीन के साथ दिखा पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या का आरोपी

Tue, 13 Sep 2016 06:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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बिहार में बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन की रिहाई के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार रिहाई के दौरान पत्रकार राजदेव रंजन की हत्याकांड का मुख्य आरोपी भी शहाबुद्दीन के साथ खड़ा ‌था। 
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जिस तरह से वह शहाबुद्दीन के साथ खड़ा मुस्कुरा रहा है उसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कुख्यात बाहुबली का काफी करीबी है। खास बात ये है कि पुलिस के रिकार्ड में फरार चल रहा हत्याकांड का मुख्य आरोपी शार्प शूटर बंटी गिरफ्तारी के दौरान बेखौफ उसके साथ घूमता नजर आया, लेकिन पुलिस की नजर उस पर नहीं पड़ी। 

ऐसे में उन आरोपों को भी बल मिल गया है जिनमें पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या में शहाबुद्दीन का हाथ होने की आशंका जताई गई थी। 

बता दें कि बीते 13 मई को बिहार के सीवान में हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप सीवान जेल में बंद शहाबुद्दीन पर लगा था। 
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जेल की तस्वीरें बाहर आने से नाराज था शहाबुद्दीन

आरोप था कि जेल में राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं से मुलाकात की तस्वीरें मी‌डिया में आने से शहाबुद्दीन राजदेव रंजन से नाराज ‌था इसलिए उसने अपने गुर्गों के द्वारा राजदेव की हत्या करवा दी। 

मामले में हंगामा मचा तो सरकार ने शहाबुद्दीन को सीवान से भागलपुर जेल शिफ्ट कर दिया। पुलिस ने भी पांच लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया था। 


पुलिस के अनुसार शहाबुद्दीन के करीबी लड्डन मियां ने राजदेव रंजन की हत्या करवाई थी। हालांकि उस दौरान पुलिस के आधे अधूरे खुलासे पर सवाल उठे थे। जिसके बाद पुलिस ने दावा किया कि मामले में अभी दो शार्प शूटर फरार हैं। इनमें से एक है मोहम्मद कैफ और दूसरा जावेद। इसके बाद से ही दोनों शार्प शूटर फरार चल रहे ‌थे। 
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- फोटो : ANI
बताया जाता है कि इनमें से एक मोहम्मद कैफ बीते शनिवार को शहाबुद्दीन की भागलपुर जेल से रिहाई के दौरान उसके साथ खड़ा था। इस दौरान जब शहाबुद्दीन पत्रकारों से बात कर रहा था तब उसके बराबर में खड़ा मोहम्मद कैफ उर्फ बंटी मुस्कुरा रहा था। 

उसकी यह तस्वीर कैमरों में कैद हुई तो मामले का खुलासा हुआ। हालांकि पुलिस इस सबसे अंजान बनी रही और बंटी बेखौफ शहाबुद्दीन के साथ निकल गया। बताया ये भी जा रहा है कि हत्याकांड का दूसरा वांछित शूटर जावेद भी उसी काफिले में था लेकिन अभी उसकी तस्वीरें सामने नहीं आ सकी हैं। 

पत्रकार हत्याकांड के शार्प शूटरों के साथ शहाबुद्दीन की नजदीकी सामने आने के साथ ही इस बात को भी बल मिल गया है कि राजदेव की हत्या में उसी का हाथ था। अब देखना ये है कि पहले से ही शहाबुद्दीन के मामले में घिरी नीतीश सरकार इस मामले से कैसे निपटती है।
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