बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा से गठबंधन का फायदा वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी को मिला। वो खुद भले ही अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रहे लेकिन अपने खाते में चार सीटें लपक ली। हालांकि चारों सीटों पर वही उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब रहें हैं जो पहले भाजपाई रहें हैं।
2015 में सात सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद सभी सीट हार गए । हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी गठबंधन का फायदा उठाते हुए चार सीटों पर जीत दर्ज कराने में कामयाब रहें। इतना ही नहीं मांझी अपनी समधन ज्योति देवी को बराचट्टी सीट से विधानसभा पहुंचने का रास्ता खोल दिया। साथ ही अपने दामाद देवेंद्र मांझी को मखदुमपुर सीट से विधानसभा पहुंचने का दरवाजा खोल दिया। 2015 में हम ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भी एक सीट पर जीत दर्ज की थी।