जहानाबाद जिले की पुलिस ने एक महीने पुराने छात्र बबलू कुमार हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई है। यह घटना 25 अप्रैल को मखदुमपुर थाना क्षेत्र के छज्जोपुर गांव में हुई थी। छात्र बबलू कुमार जब लाइब्रेरी से पढ़ाई करके घर लौट रहा था, तभी धनकौल के पास उसे गोली मार दी गई। बबलू की मौके पर ही मौत हो गई थी।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि हत्या की जड़ें अंधविश्वास में थीं। बबलू के पड़ोसी योगेंद्र उर्फ मंझला यादव का बेटा हाल ही में मौत का शिकार हुआ था। मंझला को शक था कि बबलू की मां ने उसके बेटे पर जादू-टोना किया था, जिससे उसकी मौत हुई। इसी शक और गुस्से में उसने बबलू की हत्या की साजिश रची।
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हत्या की योजना और पैसे का सौदा
मंझला ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए तहरुआ गांव के डब्लू कुमार से संपर्क किया, जिसने फिर टेहटा के राहुल कुमार को यह काम सौंपा। राहुल ने हत्या के लिए तीन लाख रुपये की मांग की, जिसे मंझला ने मंजूर कर लिया। इसके बाद राहुल और सुजीत कुमार ने बबलू को गोली मार दी।
पुलिस की कार्रवाई
जहानाबाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि यह केस शुरुआत में बिल्कुल अंधेरे में था। बबलू के पिता ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की। आखिरकार पुलिस ने तीन अपराधियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि एक आरोपी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।