नीतीश ने लालू और राबड़ी के 15 सालों की ओर इशारा करते हुए कहा '15 साल तक पति-पत्नी का राज था। क्या बुरा हाल था। कहीं सड़क और बिजली थी? लोग घर से निकलने में डरते नहीं थे? कितना सामूहिक नरसंहार हुआ था। कितना सांप्रदायिक दंगा होता था।
नक्सल गतिविधि कितनी थीं। महिलाओं की क्या स्थिति थी। सब हमलोगों ने नियंत्रित किया और आज क्या किसी को डर लगता है? जो भी आज इधर-उधर करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होती है । न हम किसी को बचाते हैं और न ही किसी को फंसाते हैं। पहले लोग बचाने और फंसाने के चक्कर में रहते थे जिससे अपराध बढ़ता था । नई पीढ़ी जो कि अब 18 साल के हो जाने के कारण मतदाता भी हो जाएंगे, को ये सब बताना जरूरी है।'
जदयू का यह अभियान रविवार को शुरू हुआ था जब केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत डिजिटल रैली से की थी और विश्वास व्यक्त किया था कि नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी राजग को फिर से विधानसभा चुनाव में जीत दिलाएंगे।
सीवान के कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा 'आपके जिले और आसपास के लोगों में बहुत ऊर्जा है। लेकिन पहले लोगों को कितना नुकसान उठाना पड़ा। उन्हें उन दिनों की याद दिलाई जानी चाहिए।'