प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान
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जद(यू) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में कम से कम दो पोर्टफोलियो चाहती है। जद(यू) के एक नेता ने बताया कि पहले आरसीपी सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाने पर बात हुई थी, लेकिन बाद में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अकड़ गए। वह केन्द्र में दो कैबिनेट मंत्री पद चाहते हैं। नीतीश कुमार को इसकी भी हैरानी है कि उनकी पार्टी के 16 सांसद जीतकर संसद भवन में पहुंचे हैं और उनकी पार्टी को लोक जनशक्ति पार्टी के बराबर स्थान दिया जा रहे हैं। बताते हैं नीतीश कुमार सम्मान जनक व्यवहार चाहते हैं।
नीतीश कुमार के इस व्यवहार पर राजग के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह नीतीश कुमार की आदत है, लेकिन इसका कुछ और अर्थ न लगाइए। यहां नीतीश कुमार केवल बिहार के ताकतवर नेता के तौर पर खुद को दिखाना चाहते हैं। खास बात यह है कि इस बार भी नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के ठीक एक घंटे पहले यह यू टर्न लिया।
लोकसभा चुनाव से कुछ पहले भी सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री अड़ गए थे। वह बिहार में भाजपा और जद(यू) की बराबर सीटें चाहते थे। अंत में वही हुआ। 40 लोकसभा सदस्यों वाले बिहार में भाजपा ने 17 और नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) ने भी 17 सीटों पर चुनाव लड़ा। एनडीए का यह समीकरण काफी सकारात्मक नतीजा लेकर आया और 2014 से अधिक सीटें जीतने में सफलता मिली। कांग्रेस के केवल एक सांसद को अपनी जीत पाने में सफलता मिल पाई। बाकी विपक्ष के सभी 39 प्रत्याशी चुनाव हार गए।