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जदयू को केजरीवाल में दिखा 'आईकॉन', तो कांग्रेस है परेशान

Sun, 23 Aug 2015 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना
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आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिहार दौरे को लेकर जहां महागठबंधन के बडे़ घटकों में उत्साह है, वहीं कांग्रेस असमंजस की स्थिति में है।
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बेशक केजरीवाल अपने दौरे में किसी पार्टी या गठबंधन के लिए वोट नहीं मांगेंगे, लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा नीत राजग के खिलाफ वोटों की लामबंदी में वह एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

यही कारण है कि महागठबंधन का प्रमुख घटक दल राजद बेरुखी के बावजूद उनके स्वागत को तैयार है, जबकि कांग्रेस केजरीवाल को स्वाभाविक दोस्त न मानते हुए भी उन्हें प्रभावी व्यक्तित्व मान रही है।
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लेकिन वो दिल्ली में हमारे विरोधी

कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा के मुताबिक, ‘बिहार में आप का कोई जनाधार नहीं है, लेकिन केजरीवाल का व्यक्तित्व जरूर ईमानदार और प्रभावी है। केजरीवाल हमारे स्वाभाविक मित्र नहीं हो सकते। आज भी दिल्ली में वह हमारे विरोधी हैं।’

लालू प्रसाद यादव जैसे नेता के साथ मंच साझा करने से परहेज करने वाले केजरीवाल को लेकर राजद का पक्ष भी सख्त नहीं है। राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी कहते हैं कि बिहार के चुनाव में केजरीवाल महागठबंधन के मददगार होंगे।

उनकी भाजपा के खिलाफ रणनीति अब तक सफल रही है। उनके व्यक्तित्व व अनुभव से हमें फायदा होगा। दिल्ली के सीएम को लेकर सबसे ज्यादा जदयू उत्साहित है।
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होगा फायदा!

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह कहते हैं कि केजरीवाल ‘आप’ के नेता जरूर हैं, लेकिन  वह आज की तारीख में भाजपा के खिलाफ लड़ाई के आइकॉन हैं।

उनके बिहार आने से महागठबंधन को निश्चित रूप से फायदा होगा। राजनीतिक जानकारों की मानें तो केजरीवाल अपने दौरे में अपनी पार्टी का जनाधार मजबूत करने से ज्यादा भाजपा के जनाधार में कमी लगाना चाहेंगे।

केजरीवाल उसी आयु वर्ग के मतदाताओं के नेता है, जिन्हें आमतौर पर मोदी का मतदाता माना जाता है। ऐसे में देखना होगा कि केजरीवाल इस वर्ग को भाजपा से अलग कर पाने में कितने कामयाब हो पाते हैं।
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