बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ( जदयू ) 11 साल से बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियों में से सबसे अमीर पार्टी है। राजनीतिक आंकडे पेश करने वाली एजेंसी एसोसिएशन डेमोक्रेटिक राइट ( एडीआर ) ने बिहार की राजनीतिक पार्टियों का सर्वे पेश किये।
पार्टीयों की आय के सभी ज्ञात और अज्ञात स्रोतों के आधार पर यह रिपोर्ट पेश की गई। राज्य की तीन सबसे सक्रिय पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ( आजेडी ), लोक जनशक्ति पार्टी ( एलजेपी ) और जदयू के आंकडे जब पेश किये गये तो नीतीश कुमार की पार्टी हर साल की तरह इस साल भी राज्य की सबसे अमीर पार्टी रही। इस पर जदयू के अधिकारीयों ने कहा कि पार्टी में किसी भी प्रकार का गैरकानूनी रूप से लिया गया धन नहीं है।
राजेडी- एलेपी से भी ज्यादा जदयू का फंड
जदयू 2004-05 से लेकर पार्टी अभी तक राज्य की सबसे अमीर पार्टी बनी हुई है। एडीआर ने यह सर्वे जदयू की इनकम टैक्स रिटर्न और चुनाव आयोग के समक्ष दायर दी गई जानकारी के अनुसार पेश किया है। रिपोर्ट की माने तो प्रदेश की तीनों पार्टियों की ज्ञात और अज्ञात धन स्त्रोतों को मिलाकर कुल राशि 83.36 करोड़ रुपये है
जिसमें से जदयू की राशि 54.12 करोड़ रुपये है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी की आरजेडी की बात करे तो की पार्टी की कुल जमा राशि 22.52 करोड़ रुपये है तो वहीं रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी का फंड 6.73 करोड़ रुपये रहा है।
चुनाव सुधार के समय किया गया सर्वे
पार्टी की आय पर बात करते हुए जदयू राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि हम अपनी आय की इनकम टैक्स रिटर्न हर साल भरते है। हमारी कोई भी आय गैरकानूनी तरीके से नहीं ली गई है। पार्टी की अज्ञात आय की बात करें तो सभी अज्ञात स्त्रोतों को मिलाकर पार्टी की अज्ञात आय लगभग 38.78 करोड़ रुपये है।
यह सर्वे ऐसे समय में किया गया है जब देश मे चुनाव सुधारों के लेकर बात की जा रही है। सभी राजनीतिक पार्टियां और नेता देश में चुनाव सुधार की बाद कर रहे है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिश कुमार खुद कई बार चुनाव सुधार पर जोर देने की बात कर चुके है।