बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद भले ही जेल में बंद हैं, लेकिन बिहार की राजनीति में बदलाव के ब्लूप्रिंट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आनंद मोहन से सहरसा जेल में मुलाकात की।
बिहार में इसे सियासी बदलाव की बयार के रूप में देखा जा रहा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के निर्देश पर हुई इस मुलाकात को राजद के बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई।
मुलाकात के बाद शिवानंद तिवारी ने कहा कि आनंद मोहन अच्छे व्यक्ति हैं और उन्हें फंसाया गया है। शिवानंद तिवारी ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है। उल्लेखनीय है कि राजपूत जाति से आने वाले आनंद मोहन एक जमाने में उत्तरी बिहार के कोसी क्षेत्र के बाहुबली माने जाते थे। 1994 में उनकी पत्नी लवली आनंद ने भी वैशाली लोकसभा का उपचुनाव जीतकर राजनीति में अपनी धमाकेदार एंट्री की थी।