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राज्यसभा की दोनों सीटों पर जदयू का कब्जा

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बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए बृहस्पतिवार को हुए मतदान में जदयू के दोनों आधिकारिक उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली है।
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जदयू के गुलाम रसूल बलियाबी और पवन वर्मा को 122 मत मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार साबिर अली और अनिल शर्मा को केवल 108 वोट ही मिल पाए।

बिहार विधानसभा में कुल 232 विधायक हैं, जिनमें से कुल 230 ने वोट डाले। भाजपा के रामेश्वर चौरसिया विदेश में होने के कारण वोट नहीं दे पाए, वहीं राजद के केदारनाथ सिंह एक मामले में फरार होने के कारण वोट देने नहीं आए।

परिणाम आने से पहले चर्चा रही कि जदयू के करीब 16 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि राजद और कांग्रेस के दो-दो विधायकों ने पाला बदला है।

लालू के साथ से नीतिश के उम्मीदवार जीते

बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए बृहस्पतिवार को हुए मतदान में जदयू के दोनों आधिकारिक उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली है।

जदयू के गुलाम रसूल बलियाबी और पवन वर्मा को 122 मत मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार साबिर अली और अनिल शर्मा को केवल 108 वोट ही मिल पाए।

बिहार विधानसभा में कुल 232 विधायक हैं, जिनमें से कुल 230 ने वोट डाले। भाजपा के रामेश्वर चौरसिया विदेश में होने के कारण वोट नहीं दे पाए, वहीं राजद के केदारनाथ सिंह एक मामले में फरार होने के कारण वोट देने नहीं आए।

परिणाम आने से पहले चर्चा रही कि जदयू के करीब 16 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि राजद और कांग्रेस के दो-दो विधायकों ने पाला बदला है।

साबिर अली हार गए चुनाव

गौरतलब है कि इस चुनाव में राजद ने जदयू के दोनों उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की थी। वहीं, भाजपा ने जदयू के बागियों के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डालने का फैसला लिया था।

इस वजह से यह उपचुनाव दिलचस्प हो गया था। परिणाम के बाद बागी गुट के नेता ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि लालू प्रसाद के कहने पर ही उन्होंने साबिर अली को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन लालू ने धोखा दे दिया। उन्होंने कहा कि लालू ने विश्वासघात की सभी हदें पार कर ली हैं।
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साबिर अली हार गए चुनाव

गौरतलब है कि इस चुनाव में राजद ने जदयू के दोनों उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की थी। वहीं, भाजपा ने जदयू के बागियों के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डालने का फैसला लिया था।

इस वजह से यह उपचुनाव दिलचस्प हो गया था। परिणाम के बाद बागी गुट के नेता ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि लालू प्रसाद के कहने पर ही उन्होंने साबिर अली को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन लालू ने धोखा दे दिया। उन्होंने कहा कि लालू ने विश्वासघात की सभी हदें पार कर ली हैं।
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