जमुई की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और वे जाति-धर्म में नहीं पड़ते। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो कानून को चुनौती देगा, उसे जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सुशासन की चिंता रहती है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध को जाति या धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
‘मैं जाति-धर्म में नहीं पड़ता’
सम्राट चौधरी ने कहा कि वह जाति और धर्म की राजनीति में नहीं पड़ते। उनका जोर कानून-व्यवस्था और सुशासन पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसके लिए प्रशासन को पूरी गंभीरता से काम करना होगा।
‘जो कानून को चैलेंज करेगा, जवाब मिलेगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून को चुनौती देने वालों को इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने साफ संदेश देते हुए कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगी।
‘हमें सुशासन की चिंता रहती है’
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता सुशासन और आम लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपराध की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को स्वीकार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जमुई जैसी घटना में शामिल अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और राज्य में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।