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Bihar News : एनआईए नहीं ढूंढ़ पा रही थी, मगर एक गलती से खुद चंगुल में फंस गया आतंकी मॉड्यूल का खिलाड़ी

Sun, 06 Aug 2023 04:38 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar Police : वह चुनाव लड़ चुका है। वह यूपी में पढ़ा-लिखा है। छोटी पहचान नहीं, मगर फुलवारीशरीफ के आतंकी मॉड्यूल के खुलासे में नाम आने के बाद से NIA और पटना पुलिस नहीं ढूंढ़ पा रही थी। फिर एक गलती की और वैशाली पुलिस ने ढूंढ़ निकाला।
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कई माह से रियाज को तलाश कर रही थी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फुलवारीशरीफ टेरर मॉड्यूल के आरोपी रियाद अहमद को वैशाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पटना पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीम पिछले कई माह से रियाज अहमद की तलाश में छापेमारी कर रही थी। लेकिन, वह नहीं मिल रहा था। इसी बीच अचानक वैशाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली की रियाज, चेहरा कला प्रखंड के छुटकी छपरा इलाके में छिपा हुआ है। वैशाली एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया। कटहरा ओपी पुलिस के नेतृत्व में टीम ने सादे लिबास में छापेमारी की। पुलिस ने रियाज को उसके ही घर से गिरफ्तार कर लिया। वैशाली पुलिस ने रविवार को इस मामले का खुलासा किया। पुलिस टीम अब रियाज से पूछताछ कर रही है। 

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आरोपी का वीडियो कब आया था आया सामने
फुलवारीशरीफ टेरर मॉड्यूल में रियाज अहमद के नाम आने बाद उसके विरुद्ध एनआईए और पटना पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच 5 अप्रैल को एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें रियाज दिनदहाड़े जमीनी विवाद में लाठी डंडे से अपने पड़ोसी के मारपीट दिखा था। वीडियो के आधार पर टीम टीम ने रियाज की तलाश में कई जगह छापेमारी की थी लेकिन वह उस वक्त भी नहीं मिला था।

SDPI की टिकट पर चुनाव लड़ चुका है रियाज
रियाज अहमद विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार भी रह चुका हैं। हालांकि, वो चुनाव हार गए। रियाज अहमद 5 भाइयों और एक बहन में रियाज सबसे छोटे हैं। उनकी पूरी पढ़ाई-लिखाई उत्तरप्रदेश से हुई है। जिसके बाद अपने गांव छोटकी छपड़ा लौटकर आए तो पार्टी एसडीपीआई का काम देखने लगे।
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इन लोगों का फुलवारीशरीफ टेरर मॉड्यूल में आया था नाम
दरअसल, फुलवारी शरीफ के नया टोला से पुलिस ने 11 जुलाई 2022 को पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े दो लोगों अतहर परवेज और मो. जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया था। 12 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पटना भ्रमण के दौरान इन लोगों द्वारा गड़बड़ी फैलाने की बात कहीं गई थी। फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी एकरार अहमद के बयान के आधार पर इस मामले में 26 लोगों को नामजद किया गया था। इन नामजद लोगों में पटना के मो. सलमान, मो. रसलान, 3.महबुब रहमान, महबूब आलम, मो. अमीन आलम, मो. रियाज फुलवारी शरीफ के इम्तियाज दाऊदी, खलीकुर जमा, अरमान मलिक, जीशान अहमद, मंजर परवेज के अलावा नालंदा के शमीम अख्तर, पूर्वी चंपारण के रियाज आरिफ, दरभंगा के सनाउल्लाह उर्फ आकिब, मधुबनी के तौफीक आलम, कटिहार के महबूब आलम उर्फ महबूब नदवी, अररिया के एहसान परवेज उर्फ अहसान इंजीनियर, छपरा के रियाज अहमद, मधुबनी के मोहम्मद अंसारउल हक, दरभंगा के मोहम्मद मुस्तकीम, मुजफ्फरपुर के मरूल इस्लाम, कटिहार के अब्दुल रहमान, सारण के परवेज आलम और दरभंगा के नूरुद्दीन जंगी उर्फ एडवोकेट नूरुद्दीन का नाम सामने आया था। 

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