इस चुनाव में दागियों और बागियों की भरमार तो है ही, करोड़पतियों, अंगूठा छाप और पढ़े-लिखे उम्मीदवारों की भी कमी नहीं है। 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव में 602 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनकी शिक्षा पांचवी से बारहवीं के बीच है। पांच तो पूरी तरह से अंगूठा छाप भी है। 720 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में अपनी योग्यता स्नातक या उससे ऊपर बताई है। 13 लोगों ने खुद को डिप्लोमाधारी बताया है।
सबसे ज्यादा करोड़पति राजद के
चुनाव में बड़ी संख्या में करोड़पति उम्मीदवार भी हैं। अकेले दूसरे चरण के चुनाव में 495 करोड़पति उम्मीदवार हैं। इनकी औसत संपत्ति 1 करोड़ 72 लाख रुपये की है। दूसरे चरण में 94 सीटों पर मतदान होना है। दूसरे चरण में कुल 1463 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतलब 34 प्रतिशत करोड़पति उम्मीदवार इस चरण में मैदान में हैं। कांग्रेस के 24 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सवा करोड़ से ऊपर की है। जदयू के 43 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4 करोड़ 95 लाख की है। राजद के 56 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4 करोड़ 82 लाख की है।
लोजपा के 52 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3 करोड़ 86 लाख की है। भाजपा के 46 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3 करोड़ 44 लाख की है। करोड़पति टॉप थ्री उम्मीदवारों में कांग्रेस के 2 और राजद का एक प्रत्याशी शामिल है।
कांग्रेस के संजीव सिंह के पास 56 करोड़ की संपत्ति
वैशाली के कांग्रेस उम्मीदवार संजीव सिंह के पास तो 56 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। दूसरे नंबर पर हाजीपुर से राजद उम्मीदवार देव कुमार चौरसिया हैं। इनकी कुल संपत्ति 49 करोड़ 32 लाख 90 हजार 471 रुपयों की है।
बड़े कर्जदारों की भी कमी नहीं
पश्चिमी चंपारण जिले के चनपटिया से भाजपा उम्मीदवार उमाकांत सिंह पर 8 करोड़ 95 लाख 78 हजार रुपये का कर्ज है। इसी तरह बेलसंड से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश बैठा सबसे गरीब उम्मीदवार हैं। उनके पास ना तो जमीन है, ना ही अपना घर और ना ही बैंक खाते में एक रुपया। सुरेश बैठा शून्य संपत्ति वाले उम्मीदवार हैं।