पटना एम्स में एक कोरोना के मरीज ने नेगेटिव जांच से कुछ घंटे पहले ही आत्महत्या कर ली। 38 वर्षीय मरीज को 15 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। सोमवार को किए गए रिपीट टेस्ट के दौरान उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया है।
इस पूरे मामले में नोडल ऑफिसर डॉ. संजीव ने बताया कि 15 जून को खगौल के रहने वाले 38 वर्षीय मरीज को भर्ती किया गया था। सैंपल की जांच के बाद उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।डॉक्टरों की टीम तब से उसे आइसोलेशन में रखकर इलाज कर रही थी, लेकिन उसने आत्महत्या करने लिए बगल के कमरे में खुद को बंद कर लिया।
मृतक मरीज ने सोमवार दोपहर गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब अस्पताल के कर्मचारियों की उस पर नजर पड़ी, तो उसे आनन-फानन में फौरन उतारा गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। डॉक्टरों ने बताया कि नेगेटिव परीक्षण के बाद कल उसे अस्पताल से छुट्टी मिल सकती थी।
सोमवार को बिहार में कोरोना वायरस के 143 नए मामले पाए गए। राज्य में कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 7808 तक पहुंच चुका है।