जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से बाहर हुए वरिष्ठ नेता शरद यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फौरी राहत दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक शरद यादव को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के मामले पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक उन्हें दी जा रही सभी सुविधाएं मिलती रहेंगी।
हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि फैसला शरद यादव के पक्ष में आता है तो उन्हें इन सुविधाओं के एवज में कोई भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन यदि फैसला उनके खिलाफ आता है तो उन्हें भुगतान करना होगा। अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 मार्च की तारीख तय की गई है।
गौरतलब है कि वरिष्ठ नेता शरद यादव को जदयू से बाहर करने के बाद उनकी राज्यसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। जिसके बाद उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर भी रोक लगाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।