देश में इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइन के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर जिले में संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड और ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे।
अगर आपके साथ यह लक्षण दिख रहे हैं तो हो जाएं अलर्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि अगर किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के आईडीएसपी को दें। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार अगर किसी को अचानक तेज बुखार और कमजोरी महसूस हो, मांसपेशियों और सिर में तेज दर्द हो, गले में संक्रमण यानी खराश जैसा महसूस हो, उल्टी और पेट दर्द हो या फिर आँखों में लालीपन दिखाई पड़े तो आप सावधान हो जाईए। इन सारे लक्षणों से यह आशंका बढ़ सकती है कि आप इबोला बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं।
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विदेश से आने वालों पर रखी जा रही नजर
इस संबंध में केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश देते हुए कहा कि विदेश से आने वाले यात्रियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और उनकी सघन जांच की जा रही है। यदि किसी मरीज में इबोला के लक्षण मिलते हैं, तो उसका सैंपल जांच के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के पुणे स्थित लैब में भेजा जाएगा। अगर मामले बढ़ते हैं, तोआईसीएमआर की दूसरी लैब में भी सैंपल भेजे जा सकते हैं।
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इबोला संक्रमित मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर इबोला के संदिग्ध मरीजों को अस्पताल लाने और ले जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे। इस संबंध में पटना गर्दनीबाग़ के सिविल सर्जन डॉ योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि पटना के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल बिहार में अब तक एक भी ऐसे मरीजों की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि गर्दनीबाग़ अस्पताल में इसको लेकर व्यवस्था कर दी गई है। इसको लेकर पांच बेड का क्वारंटीन सेंटर तैयार कर लिया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर जिले के एसकेएमसीएच के उपाधीक्षक सतीश कुमार सिंह ने बताया कि इबोला को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी चाक-चौबंद व्यवस्था की है। जल्द ही यहाँ एक नोडल अफसर की तैनाती की जाएगी।