फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी; मानसी-सहरसा रेलखंड दोहरीकरण को हरी झंडी, 499 करोड़ होंगे खर्च

Tue, 30 Jun 2026 08:05 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

भारतीय रेलवे ने बिहार के 44.40 किलोमीटर लंबे मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। 499 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी, लाइन क्षमता बढ़ेगी और हर साल 17.64 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।
 
विज्ञापन
अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) के तहत आने वाले 44.40 किलोमीटर लंबे मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर रेलवे 499 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस फैसले से यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन में भी बड़ा सुधार होगा।
विज्ञापन


सिंगल लाइन पर बढ़ते दबाव को मिलेगी राहत
मानसी-सहरसा रेलखंड फिलहाल मानसी-सरायगढ़ रूट पर सिंगल लाइन कॉरिडोर है। इस मार्ग पर यात्रियों और मालगाड़ियों दोनों का भारी दबाव रहता है। वर्तमान में इस रेलखंड से दोनों दिशाओं में प्रतिदिन 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। इसके अलावा गेहूं, मक्का, गिट्टी (बैलास्ट), उसना चावल, सीमेंट, उर्वरक (खाद), अरवा चावल, नमक, बालू, पत्थर और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई भी इसी मार्ग से होती है।

108% से ज्यादा हो चुकी है लाइन की क्षमता
रेलवे के अनुसार, इस रेलखंड की लाइन क्षमता का उपयोग वर्तमान में 108.11 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि वर्ष 2028-29 तक यह बढ़कर 119.34 प्रतिशत हो जाएगा। बढ़ते रेल यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस रूट पर अतिरिक्त क्षमता विकसित करने के लिए दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी है।
विज्ञापन


ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम
इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुगम होगा। ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आएगी और समयपालन बेहतर होगा। साथ ही रेल परिचालन की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह भी पढ़ें: पटना में कल से और बड़ा अभियान; नए डीएम ने कब्जे पर जीरो टॉलरेंस के लिए नौ टीमें बनाईं
विज्ञापन


हर साल 17.64 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता
रेलवे का अनुमान है कि दोहरीकरण परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर प्रतिवर्ष 1.764 मिलियन टन (करीब 17.64 लाख टन) अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। इससे क्षेत्र की कृषि, निर्माण और अन्य प्रमुख आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भी अधिक मजबूत होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें