बिहार में नोटबंदी के मुद्दे पर महागठबंधन में दरार पड़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार में शामिल पार्टियां और नेता अलग-अलग सुर अलाप रहे हैं। नीतीश कुमार नोटबंदी के फैसले पर प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में खुलकर बोल रहे हैं। वहीं, जदयू के राज्यसभा सांसद शरद यादव नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं।
बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश सरकार में शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा कि आलाकमान के निर्देश पर कांग्रेस ने बिहार में जदयू और राजद के साथ गठबंधन किया है। अगर आलाकमान का निर्देश होगा तो बिहार में आज ही गठबंधन टूट सकता है। अशोक चौधरी ने कहा कि फर्क नहीं पड़ता कौन साथ है और कौन विरोध कर रहा है। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हमारी पार्टी लोगों की परेशानियों के साथ है।
बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अशोक चौधरी के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कौन बोल रहा है, यह महत्वपूर्ण होता है। गठबंधन का निर्णय कांग्रेस आलाकमान का था और अलग होने का निर्णय भी वहीं करेंगे।