उत्तर बिहार से सरकार को हर साल कई सौ करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। यहां ईंट फैक्ट्री हो या जमीन कारोबार सभी में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। पैथोलॉजिकल लैब भी टैक्स चोरी में पीछे नहीं हैं। मैरेज हॉल में शादियां तो कराईं जाती हैं लेकिन सरकार को टैक्स नहीं दिया जाता।
इस टैक्स चोरी से सरकार को उत्तर बिहार से करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। यह जानकारी मिठनपुरा स्थित द पार्क होटल में मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार व झारखंड) के सी जैन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। साथ ही उन्होंने कहा कि इन सबको चिह्न्ति कर आगे की कार्रवाई शुरू की गयी है। इन क्षेत्रों से टैक्स प्राप्त होने पर सरकार को बहुत बड़ी राशि मिलेगी।
के सी जैन ने बताया कि मुजफ्फरपुर में टैक्स वसूली का लक्ष्य 95 करोड़ रुपये था, जिसमें से 57 करोड़ वसूली हो चुकी है। जबकि यहां से वर्ष 2012 में टैक्स वसूली का लक्ष्य 66 करोड़ रुपये था। इसमें पिछले वर्ष मार्च तक 19 करोड़ रुपये ही वसूले गये थे। इस साल मुजफ्फरपुर की उपलब्धि संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि बिहार में टैक्स देने की प्रवृति बेहतर है और बिहार में काफी लोग समय से टैक्स चुकता कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि टीडीएस का रिटर्न फाइल नहीं करना अनियमितता है। इलेक्ट्रॉनिक बेस इंफॉरमेशन से सभी के कारोबार की जानकारी विभाग के कोई भी अफसर कहीं भी देख सकते हैं। ट्रांजैक्सशन से सबकुछ पता लग जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार में टैक्स वसूली की अधिक संभावनाएं हैं। यहां करदाताओं की सुविधा बढ़ाने पर भी विभाग ध्यान दे रहा है।