पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड अंतर्गत शिकारपुर पंचायत कार्यालय से महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों के गायब होने और उनके साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पंचायत के मुखिया राहुल कुमार जायसवाल ने शिकारपुर थाने में आवेदन देकर पंचायत सचिव मोहम्मद शाहबुद्दीन, तकनीकी सहायक दीपक कुमार और लेखापाल अभिनव कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विकास योजनाओं से जुड़े दस्तावेज गायब होने का आरोप
मुखिया ने आरोप लगाया है कि तीनों कर्मियों ने मिलकर पंचायत कार्यालय की अलमारी से विकास योजनाओं और स्वच्छता मित्रों के भुगतान से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज निकालकर गायब कर दिए। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव के लगातार हड़ताल पर रहने के कारण कई विकास कार्यों तथा स्वच्छता मित्रों का भुगतान लंबित था। इसी समस्या के समाधान और सहयोग शिविर की सफलता को लेकर 8 जून को पंचायत कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
भुगतान को लेकर हुई थी विशेष बैठक
बैठक में मुखिया ने मजदूरी, छड़, सीमेंट और ईंट वेंडरों के बकाया भुगतान को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था। संबंधित कर्मियों ने मंगलवार तक भुगतान करने का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय पर कोई भी कर्मी कार्यालय नहीं पहुंचा। बुधवार को दोबारा पूछताछ करने पर कर्मियों ने बताया कि संबंधित अभिलेख पंचायत कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।
CCTV फुटेज में कैद हुई कथित गतिविधियां
इस पर संदेह होने के बाद मुखिया ने पंचायत कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई। मुखिया के अनुसार, फुटेज में पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और लेखापाल को कार्यालय की अलमारी से अभिलेख निकालते तथा उनके साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पूरे फुटेज को साक्ष्य के रूप में पेन ड्राइव में सुरक्षित रखा गया है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग, पुलिस जांच शुरू
मुखिया राहुल कुमार जायसवाल ने पुलिस से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शिकारपुर थाना पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
'फुटेज के आधार पर हो रही जांच'
थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की छानबीन की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत सचिव ने आरोपों को बताया निराधार
इधर, पंचायत सचिव मोहम्मद शाहबुद्दीन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की जवाबदेही पंचायत सचिव की होती है। उन्होंने बताया कि पंचायत कार्यालय परिसर में लाइब्रेरी संचालित होने और लोगों की लगातार आवाजाही के कारण फाइलें वहां पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहती हैं। सचिव ने दावा किया कि फाइलें देखी गई हैं तथा कुछ अभिलेख मुखिया के घर पर भी रखे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार का भुगतान लंबित नहीं है और यदि कोई भुगतान शेष है तो उसकी जानकारी मिलने पर उसे कराया जाएगा।
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जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सीसीटीवी फुटेज की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।