कुश की प्रतिमा से भाई ने बनाई बहन की अर्थी।
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27 जून को घर से निकली और वापस नहीं लौटी
प्रशांत सिंह के अनुसार, 27 जून को प्रियंका स्नातक की मार्कशीट लेने का बहाना बनाकर वह घर से पूर्णिया कॉलेज के लिए निकली और फिर वहां से बॉयफ्रेंड संग फरार हो गई। रात हो जाने के बाद भी जब प्रियंका घर नहीं लौटी तो हमलोगों ने प्रियंका की खोजबीन शुरू की। दूसरे दिन हमलोगों को प्रियंका के प्रेम-प्रसंग के बारे में जानकारी मिली। पता चला कि के. नगर थाने में चम्पानगर बाजार निवासी मनोज कामती के बेटे नीरज कुमार ने उसकी बहन का अपहरण कर लिया। इसके बाद पुलिस में जाकर अपहरण का FIR करवाया।
पूरे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल गई
प्रशांत सिंह ने कहा कि घर में लाड़ प्यार से पाला पोसा गया। वह ऐसा करेगी उन्होंने सपने में भी ऐसा नहीं सोचा था। मेरी बहन ने जो किया, उससे समाज में पिता जी और पूरे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल गई। बहन की वजह से आज सबको सर झुकाकर गांव से लेकर बाजार तक चलना पड़ता है। इतना ही नहीं जिससे परिवार के साथ प्रियंका की शादी तय की थी, उस परिवार ने खरी खोटी सुनाई। इसलिए हमलोगों ने तय किया है कि प्रियंका हमलोगों के लिए मर चुकी है। हमलोगों ने पूरे रीति-रिवाज के उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब उससे कोई वास्ता नहीं है।