सुशील मोदी, लालू यादव (फाइल फोटो)
बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव पर नीतीश सरकार गिराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव के पक्ष में फैसला दे दिया था तो फिर चारा घोटाले को लेकर दूसरे मामले में ट्रायल की जरूरत नहीं थी। सीबीआई इस निर्देश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई थी।
सुशील मोदी ने कहा कि जब सीबीआई सुप्रीम कोर्ट गई तो लालू यादव ने प्रेम गुप्ता के जरिए अरुण जेटली को संदेश भेजा। सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव ने उस वक्त धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि 24 घंटे में नीतीश कुमार का इलाज कर दूंगा।
सुशील मोदी ने आगे कहा कि बाद में लालू प्रसाद यादव और प्रेम गुप्ता, दोनों ने अरुण जेटली से मुलाकात की और नीतीश कुमार की सरकार को गिराने का प्रस्ताव दिया। पर अरुण जेटली ने प्रस्ताव ठुकरा दिया। अरुण जेटली ने स्पष्ट कहा था कि हम सीबीआई के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते क्योंकि यह एक स्वायत्त संस्था है।
पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव अपना हित साधने के लिए किसी के भी पैर पर गिर सकते हैं। लालू ने 1974 में जेपी आंदोलन और 1975 में बीजेपी-आरएसएस की मदद ली थी। छपरा से चुनाव में आरएसएस और बीजेपी की मदद ली थी। लालू बीजेपी का समर्थन लेने के लिए पार्टी के दफ्तर आये थे और कैलाशपति मिश्र से सहयोग पत्र लेकर सरकार बनाये थे।