उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और माफिया अतीक अहमद के कुख्यात शूटर अरमान को प्रयागराज की एससी-एसटी कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार को यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लेकर पहुंची थी। कोर्ट में पेशी के बाद मंगलवार सुबह उसे गया सेंट्रल जेल वापस भेज दिया गया। अब प्रयागराज पुलिस उसकी पुलिस रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब हासिल किए जा सकें।
साढ़े तीन साल से गया जेल में बंद था अरमान
अरमान गया के कठोतर तालाब मोहल्ले का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह गया लौट आया था। पुलिस के मुताबिक, यूपी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने वर्ष 2022 के एक पुराने मामले में सरेंडर किया और जेल चला गया। इसके बाद वह करीब साढ़े तीन साल तक गया सेंट्रल जेल में बंद रहा। इस दौरान यूपी पुलिस उसकी तलाश करती रही, जबकि वह गया जेल में ही बंद था। इसी साल सितंबर में प्रयागराज पुलिस को उसके गया जेल में होने की जानकारी मिली। इसके बाद यूपी पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे प्रयागराज लाने की कार्रवाई शुरू की।
कोर्ट में दर्ज हुई गिरफ्तारी, अब रिमांड की तैयारी
सोमवार शाम यूपी पुलिस अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लेकर आई। कड़ी सुरक्षा के बीच उसे एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की गिरफ्तारी पहले दर्ज नहीं हुई थी। गया जेल में उसके बंद होने की जानकारी मिलने के बाद इस मामले में उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अरमान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब प्रयागराज पुलिस उससे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
सफेद गमछे से ढका था चेहरा, कोर्ट में कड़ा पहरा
पेशी के दौरान अरमान ने अपना चेहरा सफेद गमछे से ढक रखा था। करीब 40 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में उसे कोर्ट लाया गया। मीडिया ने उससे कई सवाल किए, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यहां 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। महिला पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी, तीन एसीपी और बिहार पुलिस के कमांडो भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।
रिमांड में खुल सकते हैं कई अहम कनेक्शन
प्रयागराज पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उमेश पाल की हत्या के बाद अरमान किन लोगों के संपर्क में था और वारदात के बाद वह गया कैसे पहुंचा। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि उसे छिपने या जेल जाने में किसने मदद की। इसके अलावा अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन समेत हत्याकांड से जुड़े फरार आरोपियों के बारे में भी उससे पूछताछ की जा सकती है। पुलिस अरमान की भूमिका, उसके संपर्कों और वारदात के बाद की गतिविधियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाशने की कोशिश करेगी।
परिवार ने जताई थी एनकाउंटर की आशंका
अरमान को यूपी पुलिस के साथ ले जाए जाने के बाद उसके परिवार ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उसके पिता शमीम और मां असगरी खातून ने एनकाउंटर की आशंका भी जताई थी। परिवार की ओर से गया कोर्ट में अर्जी देकर उसे यूपी पुलिस के हवाले नहीं करने की मांग की गई थी। फिलहाल प्रयागराज कोर्ट के आदेश के बाद अरमान गया सेंट्रल जेल लौट चुका है। अब सभी की नजर प्रयागराज पुलिस की रिमांड अर्जी और कोर्ट के अगले फैसले पर है। रिमांड मिलने पर पूछताछ के दौरान उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की भूमिका, उसके संपर्कों और वारदात के बाद की गतिविधियों को लेकर नए तथ्य सामने आ सकते हैं।