देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के पार्थिव शरीर के घोसी पहुंचते ही पूरा इलाका भावुक हो उठा। सड़क किनारे घंटों से इंतजार कर रहे लोगों ने तिरंगे में लिपटे वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम सलाम किया। भारत माता की जय और शहीद शुभम अमर रहें के नारों से माहौल गूंज उठा।
घंटों इंतजार के बाद हुए अंतिम दर्शन
हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव निवासी और भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार असम के जोरहाट एयरबेस में हुए एएन-32 विमान हादसे में शहीद हो गए थे। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर घोसी से होकर उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा था, तब सड़क किनारे हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग घंटों पहले से ही अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे थे।
तिरंगे और नारों से गूंज उठा इलाका
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घोसी पहुंचा, पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "शहीद शुभम कुमार अमर रहें" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
महिलाओं से लेकर बुजुर्गों तक की आंखें हुईं नम
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग पहुंचे थे। हर किसी की आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर अपने वीर सपूत के प्रति गर्व भी साफ दिखाई दे रहा था। कई लोग पार्थिव शरीर के गुजरने के दौरान भावुक होकर रो पड़े।
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पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा कि शुभम कुमार ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
शोक के साथ गर्व का भी माहौल
पूरे क्षेत्र में एक ओर शोक का माहौल था तो दूसरी ओर अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व भी महसूस किया जा रहा था। लोगों ने ईश्वर से शहीद की आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। घोसी की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब बता रहा था कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीर कभी लोगों के दिलों से नहीं जाते।