नवादा के प्रख्यात चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. शत्रुधन प्रसाद सिंह का 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कैंसर से जूझते हुए भी वे अंतिम समय तक मरीजों की सेवा करते रहे। उनके निधन से जिले में शोक की लहर है।
नवादा जिले के प्रख्यात चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. शत्रुधन प्रसाद सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज मुंबई और पटना के चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा था। गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने अंतिम समय तक मरीजों की सेवा जारी रखी, जो उनके अदम्य साहस और समर्पण का परिचायक है। शनिवार सुबह जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, बड़ी संख्या में चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और उनके द्वारा इलाज किए गए मरीज उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिग्गज पहुंचे
अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा सावित्री सेवा सदन से प्रजातंत्र चौक होते हुए थाना रोड के रास्ते अकबरपुर प्रखंड स्थित पारा मेडिकल कॉलेज, लोहानीपुर पहुंची, जहां उनके बड़े पुत्र राकेश शर्मा ने मुखाग्नि दी। डॉ. सिंह मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सकरा गांव के निवासी थे, लेकिन 1975 में नवादा आने के बाद यहीं बस गए। उन्होंने 51 वर्षों तक जिले में चिकित्सा सेवा दी। उन्होंने लंगट सिंह कॉलेज से आईएससी, डीएमसीएच से एमबीबीएस और पीएमसीएच से हाउस सर्जन का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
पलामू से की थी करियर की शुरुआत
जरूरतमंद मरीजों का इलाज मुफ्त करते थे
डॉ. सिंह की सबसे बड़ी पहचान उनकी सेवा भावना थी। वे लगभग 25 प्रतिशत गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज मुफ्त करते थे और उन्हें दवाएं भी उपलब्ध कराते थे। वे नियमित रूप से निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करते थे। वर्ष 2022 में कैंसर की पुष्टि होने के बाद भी वे प्रतिदिन करीब 25 मरीजों का इलाज करते रहे। कठिन परिस्थितियों में भी उनका यह समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा बना रहा है। डॉ. सिंह कहते थे कि उनका नवादा से केवल डॉक्टर-मरीज का रिश्ता नहीं, बल्कि आत्मीय जुड़ाव है। जीवन के अंतिम क्षणों तक उन्हें लोगों का यही प्यार मिलता रहा। उनके निधन से नवादा जिले ने एक समर्पित चिकित्सक, संवेदनशील समाजसेवी और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व को खो दिया है।