25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा पितृपक्ष मेला।
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 का शुभारंभ शुक्रवार को गयाजी के गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में भव्य समारोह के साथ होगा। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले के लिए पूरी विष्णु नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन, मंदिर समिति और विभिन्न विभागों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। गयाजी में पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में करेंगे। उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और देवघाट सहित मेला क्षेत्र की तैयारियों का जायजा लेंगे। समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, गयापाल और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
आज से शुरू होगा त्रैपाक्षिक गया श्राद्ध
शुक्रवार से त्रैपाक्षिक गया श्राद्ध भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों से पिंडदानी गयाजी पहुंचने लगे हैं। त्रैपाक्षिक श्राद्ध करने वाले श्रद्धालु पुनपुन नदी या गोदावरी तालाब से धार्मिक कर्मकांड की शुरुआत करेंगे। इसके बाद परंपरागत विधि-विधान के अनुसार विभिन्न वेदियों पर पिंडदान और तर्पण का अनुष्ठान करेंगे।
फूलों और रोशनी से सजी विष्णु नगरी
पितृपक्ष मेले को लेकर विष्णुपद मंदिर से लेकर चांदचौरा तक पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। मेला क्षेत्र, फल्गु नदी के घाट और प्रमुख धार्मिक स्थलों की विशेष साफ-सफाई कराई गई है। विष्णुपद मंदिर परिसर में भजन, प्रवचन और भागवत कथा के लिए आकर्षक पंडाल बनाया गया है, जहां पूरे मेले के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
लेजर शो से दिखेगी गयाजी की धार्मिक विरासत
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को गयाजी की धार्मिक और पौराणिक महत्ता से परिचित कराने के लिए फल्गु नदी के देवघाट पर विशेष लेजर शो शुरू किया गया है। रंग-बिरंगी लेजर किरणों के माध्यम से गयाजी की महिमा, फल्गु नदी का महत्व और पिंडदान की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा को आधुनिक तकनीक के जरिए आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन से होगी पुष्पवर्षा
मेले में सबसे अधिक भीड़ विष्णुपद मंदिर परिसर में रहने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और सफाई के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल के अलावा विष्णुपद प्रबंधन समिति ने अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड और सफाईकर्मियों की तैनाती की है। मंदिर परिसर में 43 सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी, जबकि गया जंक्शन पर 94 कैमरे सक्रिय रहेंगे। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष अवसरों पर ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा भी की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।