बिहार का गयाजी पितृपक्ष के दौरान पिंडदान के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। पुराणों में वर्णित है कि गयाजी में पितरों को पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी वजह से गयाजी को मोक्षनगरी भी कहा जाता है। पितरों के पिंडदान की परंपरा का जुड़ाव औरंगाबाद से भी है। मान्यता है कि यहीं से पुराणों में आदि गंगा के रूप में वर्णित पुनपुन नदी निकलती है। इसे गयाजी श्राद्ध का प्रवेश द्वार माना जाता है। पुराणों के अनुसार पुनपुन नदी में पितरों को पहला पिंडदान किए बिना गयाजी में किया गया श्राद्ध अधूरा माना जाता है और उसका फल पितरों को प्राप्त नहीं होता। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले पिंडदानी और श्रद्धालु पहले औरंगाबाद पहुंचकर पुनपुन नदी में पिंडदान करते हैं और इसके बाद गयाजी जाकर पितरों के श्राद्ध-तर्पण का विधान पूरा करते हैं।
महोत्सव की तैयारी को लेकर डीएम ने किया स्थल निरीक्षण
इसी कड़ी में सोमवार को औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने पितृपक्ष महोत्सव 2026 के सफल, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण आयोजन को लेकर सदर प्रखंड के जम्होर स्थित विष्णुधाम मंदिर परिसर और पुनपुन-बटाने संगम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सबसे अधिक प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, घाट और पिंडदान स्थल समेत अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं आयोजन से पहले ही पूरी कर ली जाएं। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
विष्णुधाम मंदिर न्यास समिति को नियमित समीक्षा का निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और विष्णुधाम मंदिर न्यास समिति के सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष महोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसलिए इसकी गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पितृपक्ष के दौरान ही होगा दो दिवसीय महोत्सव
पितृपक्ष महोत्सव 2026 का आयोजन 25 और 26 सितंबर को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। यह आयोजन सदर प्रखंड के जम्होर और बारुण के बीच पुनपुन और बटाने नदियों के संगम पर स्थित विष्णुधाम मंदिर परिसर में होगा। महोत्सव में धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के साथ स्थानीय कला और संस्कृति को भी प्रमुखता दी जाएगी। दो दिनों तक चलने वाले महोत्सव में निर्गुण और भजन गायन सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इससे श्रद्धालुओं और आम लोगों को धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय कला-संस्कृति से जुड़ा आध्यात्मिक वातावरण भी देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।