औरंगाबाद से आरजेडी प्रत्याशी अभय कुशवाहा ने चुनाव मैदान में उतरे 12 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द होने पर उनके प्रति सहानुभूति जताई है। साथ ही अघोषित तौर पर उन्हें अपने साथ आने का भी ऑफर दिया है।
आरजेडी प्रत्याशी अभय कुशवाहा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत 12 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ है। इस पर उन्हें कोई टोका टिप्पणी नहीं करनी है, लेकिन वह दिल से यह महसूस कर रहे हैं कि इससे उनके दिल पर गहरा आघात पहुंचा है। उनके प्रति उनकी सहानुभूति है। उन लोगों ने काफी दिनों से चुनाव लड़ने का सोच रखी होगी। तैयारी भी की होगी, इसलिए वे उनके साथ है।
साथ आने का ऑफर
उन्होंने अघोषित तौर पर उन्हें अपने साथ आने का ऑफर देते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि उनका और हमारा दोनों का मकसद एक ही है। इस मकसद के लिए वें सब अगर मेरे साथ आते है, तो वह उनका स्वागत करेंगे।
विरोधी कुछ भी कहने को स्वतंत्र, वें वैध प्रत्याशी
उन्होंने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी द्वारा अपने नामांकन पत्र में त्रुटि को लेकर निर्वाचन आयोग से की गई शिकायत पर कहा कि कहने वाले कुछ भी कहे, कुछ भी शिकायत करें, इसका उन्हें अधिकार है। इसके लिए वें स्वतंत्र है, लेकिन यह सब देखना निर्वाचन आयोग को है, रिटर्निंग ऑफिसर को और संबंधित विभाग को है। वे भले ही उनके नामांकन की वैधता पर सवाल उठाएं पर आयोग की नजर में उनका नामांकन वैध है, तभी तो वें चुनाव मैदान में है।
साल बनाम 17 माह की लड़ाई
उन्होंने कहा कि लड़ाई 17 साल बनाम 17 माह की है। बिहार से लेकर केंद्र तक बीजेपी 17 साल से सत्ता में है। क्या किया सब जगजाहिर है। युवाओं को न रोजगार मिला और न ही बिहार से पलायन रुका। वहीं आरजेडी 17 माह बिहार की सरकार में रही। इस दौरान हमारे नेता तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार किया। वादें के अनुरूप नौकरी दी। वैकेंसी का पिटारा खोल दिया। सभी क्षेत्रों में विकास किया और भी विकास होता, लेकिन नीतीश कुमार ने पलटी मार बिहार के विकास को बेपटरी कर दिया। राज्य की जनता ने यह सब देखा है। इसलिए जनता सही निर्णय लेने जा रही है।
खत्म करने के लिए बीजेपी कर रही 400 पार की बात
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी 400 पार की बात इसलिए कर रही है ताकि वह बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को तार तार कर सके। आरक्षण को समाप्त कर सके। संख्या बल की ताकत से मनमर्जी कर सके, लेकिन जनता उन्हें मौका नहीं देगी।