राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नवादा पहुंचे। हालांकि इस कार्यक्रम के बैनर और पोस्टर से नवादा की विधायक विभा देवी और रजौली के विधायक प्रकाशवीर का नाम और फोटो गायब होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के भीतर असंतोष और विधायकों के पार्टी बदलने की चर्चा जोरों पर है।
कार्यक्रम में विधायकों की गैरमौजूदगी से बढ़ी अटकलें
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में नवादा के राजद विधायक विभा देवी और रजौली के विधायक प्रकाशवीर की गैरमौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिए। गोविंदपुर के विधायक मोहम्मद कामरान की तस्वीर तो पोस्टरों पर प्रमुखता से लगी थी, लेकिन विभा देवी और प्रकाशवीर के नाम तक गायब थे। इससे अटकलें लगने लगीं कि क्या ये विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं?
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात विभा देवी अपने समर्थकों के साथ तेजस्वी यादव से नवादा परिसदन में मिली थीं और सब कुछ सामान्य बताया गया। हालांकि गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दोनों विधायकों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
लोकसभा चुनाव से ही चल रहा असंतोष
जानकारी के अनुसार, लोकसभा चुनाव के दौरान विधायक विभा देवी और प्रकाशवीर पार्टी के फैसलों से नाराज चल रहे हैं। इस नाराजगी की झलक कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम में साफ दिखी, जहां उनके फोटो और नाम को बैनरों से हटाना राजनीति में बड़ी बात मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजबल्लभ यादव का परिवार लालू प्रसाद के काफी करीबी रहा है और पार्टी के पुराने साथी हैं। ऐसे में अगर नाराज विधायकों को नहीं मनाया गया तो आरजेडी को बड़ा नुकसान हो सकता है।
एमएलसी अशोक कुमार ने जदयू का दामन थामा
इधर, राजबल्लभ यादव के भतीजे और स्थानीय निकाय के एमएलसी अशोक कुमार ने हाल ही में जदयू की सदस्यता ग्रहण की। अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए उनकी कार्यशैली पर विश्वास जताया। इससे राजनीतिक समीकरण और पेचीदा हो गए हैं।
दोनों दलों में पार्टी बदलने की संभावना पर चर्चा
नवादा में इस समय यह चर्चा जोरों पर है कि राजद और जदयू के विधायकों के बीच पार्टी बदलने की तैयारी हो रही है। जदयू के जिला सम्मेलन और मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान भी पूर्व विधायक कौशल यादव, उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव और पूर्व एमएलसी सलमान रागिब की अनुपस्थिति ने इन अटकलों को और हवा दी है।
आरजेडी की रणनीति क्या होगी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरजेडी को अपने नाराज विधायकों को जल्द मनाना होगा। पार्टी के नेता इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं कि कहीं विधायक विभा देवी और प्रकाशवीर जदयू का दामन न थाम लें। वहीं, जदयू की तरफ से इन विधायकों को जोड़ने की कोशिशों की भी चर्चा है।
तेजस्वी यादव ने दिया जवाब