गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सरबहदा थाना क्षेत्र के नैली गांव में शुक्रवार की दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल कुछ ही समय में आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गई। तेज हवा के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
देखेत ही देखते खाक हो गई मेहनत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत खेत के एक हिस्से से हुई और देखते ही देखते यह कई खेतों में फैल गई। आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई। गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग बाल्टी, पाइप, मोटर और जो भी साधन मिला, उससे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
40 से अधिक किसानों की पूरी फसल बर्बाद
जानकारी के अनुसार, गांव में करीब 1000 बीघा में गेहूं की फसल लगी थी, जिसमें से लगभग 300 बीघा फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी है। आग की चपेट में आने से करीब 200 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि 40 से अधिक किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। प्रभावित किसानों में राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार, पवन कुमार और विनीत सिंह सहित कई अन्य शामिल हैं।
दो घंटे की देरी से पहुंचीं दमकल की गाड़ियां
घटना के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता था। फिलहाल तीन दमकल गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं, जबकि गया और बोधगया से अतिरिक्त गाड़ियां भी मंगाई गई हैं।
60 लाख रुपये की फसल जलकर राख
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में करीब 50 से 60 लाख रुपये की फसल जलकर राख हो गई है। इससे गांव के किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और उम्मीदों का अंत है। अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
जानबूझकर आग लगाने की जता रहे आशंका
आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। कुछ लोग इसे लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ जानबूझकर आग लगाने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सरबहदा थाना अध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने की है, इसके बाद ही कारणों की जांच की जाएगी।
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मुआवजे की मांग तेज
घटना के बाद गांव में मुआवजे की मांग तेज हो गई है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की अपील की है। प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आग को फैलने से रोकने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, इस भीषण आग ने नैली गांव के सैकड़ों परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उबरने में उन्हें लंबा समय लग सकता है।