गयाजी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में गुरुवार को दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। खेत में मोटर पंप चालू करने के दौरान करंट की चपेट में आए बेटे को बचाने पहुंची मां भी बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। वहीं, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
खेत में पटवन के दौरान हुआ हादसा
बेटे को बचाने पहुंची मां, दोनों ने तोड़ा दम
बेटे की चीख सुनकर 62 वर्षीय मां सुंदरी देवी दौड़कर खेत में पहुंचीं। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बेटे को करंट से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गईं। कुछ ही पलों में मां और बेटे दोनों ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया। देखते ही देखते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव में मचा कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बिजली विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के खिलाफ फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों में लगे मोटर पंप, बिजली के तारों और कनेक्शनों की समय-समय पर जांच नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं होती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण दो लोगों की जान चली गई।
सुरक्षा जांच की उठी मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों में संचालित मोटर पंपों, बिजली के तारों और कनेक्शनों की नियमित जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके। लोगों का कहना है कि किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बिजली विभाग की जिम्मेदारी है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना पर फतेहपुर थाना पुलिस एसआई अंबुज कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। इस संबंध में एसआई अंबुज कुमार ने बताया कि फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पूरे गांव को झकझोर गया हादसा