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Bihar News: आधी रात पुलिसिया ‘रेड’ या कानून की धज्जियां? कोर्ट के आदेश पर थानेदार समेत 10 पर एफआईआर

Fri, 08 May 2026 10:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

Bihar News: गया जिले के पंचानपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस ज्यादती का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष, दारोगा और कई पुलिसकर्मियों पर एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गया जिले के पंचानपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस ज्यादती का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष, दारोगा और कई पुलिसकर्मियों पर एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आधी रात घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट, कपड़े फाड़ने और युवकों को हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटने जैसी घटनाएं हुईं।
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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
गया जिले के पंचानपुर थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पंचानपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार, दारोगा चतुरानंद पांडे समेत 10 नामजद और 20 से 30 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला एससी-एसटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़ा है। प्राथमिकी गांव की निवासी पार्वती देवी के बयान पर दर्ज की गई है।

आधी रात घर में दबिश देने पहुंची थी पुलिस
पीड़िता के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे की है। आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष और दारोगा भारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे थे। पुलिस टीम रामप्रवेश पासवान की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने आई थी। जब परिवार के लोगों ने बताया कि वह घर पर मौजूद नहीं हैं, तो पुलिसकर्मी भड़क उठे।
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दरवाजा तोड़कर घर में घुसने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन घर का दरवाजा तोड़ दिया और घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद घर में मौजूद महिलाओं और पुरुषों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी दोनों बहुओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। परिवार के सदस्यों को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।

युवकों को हिरासत में लेकर पिटाई का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप पीड़िता के बेटे राजनंदन पासवान के साथ मारपीट और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का है। परिवार का कहना है कि पुलिस टीम उनके तीन बेटों को पकड़कर पंचानपुर थाना ले गई, जहां उन्हें हाजत में बंद कर दिया गया। आरोप है कि वहां पुलिसकर्मियों ने हाथ-पैर बांधकर उनकी बुरी तरह पिटाई की।

10 पुलिसकर्मी नामजद, कई अज्ञात भी आरोपी
कोर्ट में शिकायत पहुंचने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया। इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार, दारोगा चतुरानंद पांडे, सिपाही शशिरंजन कुमार, नगिना उरांव, रिसिवम कुमारी, बबलू चौधरी, विजय कुमार, प्रीति कुमारी, नेहा भारती और करुणा कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया है। वहीं 20 से 30 अज्ञात पुलिसकर्मियों को भी अभियुक्त किया गया है।

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तबादले के बाद फिर चर्चा में आया मामला
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार का तबादला औरंगाबाद जिले में हो चुका है, जबकि दारोगा चतुरानंद पांडे दरभंगा में पदस्थापित हैं। अब इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

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