बिहार में एक बेहद चौंकाने वाली और असहज कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को उनके अंगरक्षक और चालक ने पेट्रोल पंप पर शौच के लिए रुकने के दौरान बीच रास्ते में ही छोड़ दिया। मामला जहानाबाद जिले के टेहटा थाना क्षेत्र का है, जहां रात के अंधेरे में आईपीएस अधिकारी को करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलकर स्थानीय थाने पहुंचना पड़ा।
मोबाइल में डूबे रहे अंगरक्षक, अधिकारी को भूल निकले गयाजी
जानकारी के मुताबिक, यह घटना गुरुवार की रात की है जब विशेष बिहार सशस्त्र बल (BSAP) की बटालियन 3 और 17, बोधगया के कमांडेंट और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपक रंजन पटना से गयाजी की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने जहानाबाद जिले के टेहटा थाना के पास एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी रुकवाई और शौच के लिए उतर गए। उनके साथ मौजूद दो अंगरक्षक और चालक भी वाहन से नीचे उतरे, लेकिन मोबाइल में व्यस्त होने के कारण यह तीनों इस हद तक लापरवाह हो गए कि कमांडेंट के लौटने से पहले ही गाड़ी लेकर सीधे गयाजी पहुंच गए।
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कमांडेंट का मोबाइल फोन और अन्य सामान गाड़ी में ही रह गया था, जिससे वह किसी से संपर्क नहीं कर सके। जब उन्होंने देखा कि वाहन जा चुका है, तो अंधेरे में अकेले दो किलोमीटर पैदल चलकर टेहटा थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी।
टेहटा थाना की मदद से पहुंचे गयाजी, फिर वापस लौटे अंगरक्षक
टेहटा थाना की पुलिस ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लिया और वरिष्ठ अधिकारी को अपने वाहन से गया रवाना किया। इस बीच जब वाहन बोधगया पहुंचा और अंगरक्षकों को पता चला कि अधिकारी गाड़ी में नहीं हैं तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद वे लौटकर अधिकारी को लेने के लिए आए, लेकिन तब तक टेहटा थाना की गाड़ी अधिकारी को लेकर निकल चुकी थी। रास्ते में दोनों वाहनों का आमना-सामना हुआ और अधिकारी अपनी गाड़ी में बैठकर गयाजी पहुंचे।
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लापरवाही को लेकर अंगरक्षक और चालक सस्पेंड
इस मामले में उच्च स्तर से नाराजगी जाहिर की गई है। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद दो अंगरक्षकों और चालक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उच्च अधिकारी अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और संबंधित विभाग को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही है।