जहानाबाद जिले के परस बिगहा थानाक्षेत्र के झुनाठी गांव में उत्पाद विभाग की टीम की शराब छापामारी के दौरान पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बड़ा विवाद हो गया। इस झड़प में उत्पाद विभाग के सब इंस्पेक्टर कुमार सत्यम समेत पांच पुलिसकर्मी और ग्रामीण पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस पर ईंट-पत्थर, सरिया और छनौटा से हमला
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर शाम उत्पाद विभाग की टीम ने झुनाठी इलाके में छापामारी की। टीम ने एक समोसे की दुकान के पास खड़ी गाड़ियों के आसपास कुछ संदिग्ध लोगों को देखकर ब्रेथ एनालाइजर से जांच शुरू की। इस पर स्थानीय दुकानदार और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते पथराव और मारपीट में बदल गई। पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर, सरिया और छनौटा से हमला किया गया। आरोप है कि चीनी की चाशनी भी पुलिसकर्मियों पर फेंकी गई। घटना में कैदी वाहन में मौजूद एक कैदी भी घायल हो गया।
पुलिस-ग्रामीणों का आरोप-प्रत्यारोप
सब इंस्पेक्टर कुमार सत्यम ने बताया कि जब टीम शराब चेकिंग कर रही थी, तो स्थानीय लोगों ने अचानक हमला कर दिया। किसी तरह पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर मौके से भागने में सफल हुए। वहीं, स्थानीय युवकों धर्मराज और जितेंद्र ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह शराब पीने का झूठा आरोप लगाकर दुकानदारों को परेशान कर रही थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने खुद मारपीट शुरू कर दी।
विधायक ने किया हस्तक्षेप
घटना की जानकारी मिलते ही आरजेडी विधायक सुदय यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्पाद विभाग पर मनमानी और पैसे वसूलने का आरोप लगाया।
विधायक ने कहा कि उत्पाद विभाग शराबबंदी के नाम पर निर्दोष लोगों को फंसा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के बिना ग्रामीणों पर कार्रवाई करना गलत है। अगर इस घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो हम आंदोलन करेंगे।
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों का इलाज सदर अस्पताल में हो रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि घटना की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद उत्पाद विभाग लगातार छापामारी कर रहा है। लेकिन कई बार ऐसी कार्रवाइयों में विभाग पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की कार्यशैली से वे भय और दहशत में हैं।