दंपति की मौत के बाद गांव में पसरा मातम
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गयाजी-कोडरमा रेलखंड पर एक बार फिर लापरवाही और अव्यवस्था ने दो जिंदगियों को लील लिया। बुधवार को दिन के करीब तीन बजे पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आकर पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा पहाड़पुर और बंशीनाला स्टेशन के बीच स्थित कैलूडीह गांव के समीप हुआ, जहां रेल पटरी पार करते समय यह दुखद घटना घटी। मृतकों की पहचान मोहन यादव (55) और उनकी पत्नी तिलिया देवी (50) के रूप में हुई है। दोनों गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के गजाधरपुर पंचायत के कैलूडीह गांव के निवासी थे।
इलाज कराकर लौट रहे थे घर, रास्ते में आई मौत
जानकारी के अनुसार, दंपति फतेहपुर बाजार में इलाज करवाने गए थे। इलाज के बाद दोनों पहाड़पुर स्टेशन से आसनसोल-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन पकड़कर बंशीनाला हाल्ट पर उतरे और वहां से पैदल ही रेल पटरी पार कर अपने घर की ओर लौट रहे थे। रेल लाइन पार करते समय तेज रफ्तार से आ रही पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में वे आ गए। ट्रेन इतनी तेजी से आई कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों में मचा कोहराम, बेटी का रो-रो कर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे और शव को उठाकर घर लाए। मृतक दंपति अपने पीछे चार बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। इनमें से तीन बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी थी, जबकि सबसे छोटी बेटी पूजा मात्र 18 वर्ष की है और अविवाहित है। माता-पिता की अचानक हुई मौत से पूजा का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। पूरा गांव शोक में डूब गया है और घर में मातम पसरा हुआ है।
हादसों की जमीन बनी रेलवे लाइन, विकास से अब तक वंचित गांव
स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव से मुख्य सड़क तक जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है, जिस कारण लोगों को मजबूरी में रेलवे लाइन पार कर बाजार और स्टेशन जाना पड़ता है। यह क्षेत्र लंबे समय से विकास से वंचित है। रेलवे पटरी पार करने के दौरान दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार एक माह पूर्व भी इसी स्थान पर एक व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है। अब भी क्षेत्र में कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किया गया है, न तो फुट ओवरब्रिज बना है, न कोई अंडरपास। रेलवे लाइन पार करना ग्रामीणों के लिए मजबूरी और मौत के बीच की दूरी बन गया है।