गया और बोधगया के बीच 400 एकड़ में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मास्टर प्लान अधिसूचित होने तक चिन्हित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी गई है, जिससे सुनियोजित शहरी विकास का रास्ता साफ हो सके।
सरकार का आदेश और प्रतिबंध
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने गयाजी के सुनियोजित विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक मास्टर प्लान को अंतिम रूप देकर अधिसूचित नहीं किया जाता, जिसकी समय सीमा 30 जून 2027 तय की गई है।
टाउनशिप का प्रस्तावित क्षेत्र
यह टाउनशिप गया नगर निगम क्षेत्र के केन्दुई और बोधगया प्रखंड के अमवा गांव के बीच करीब 400 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। मास्टर प्लान 2041 के तहत इस आयोजना क्षेत्र में नगर निगम के वार्ड संख्या 46 के केन्दुई गांव के साथ-साथ बोधगया प्रखंड के अमवा और केन्दुआ गांव को शामिल किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मुख्य उद्देश्य अनियंत्रित बसावट और अवैध निर्माण पर रोक लगाते हुए भविष्य के शहरी विस्तार के लिए भूमि को सुरक्षित करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित निबंधन कार्यालयों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार की रजिस्ट्री न हो सके।
आधुनिक शहर के रूप में विकास की योजना
इस सैटेलाइट टाउनशिप के माध्यम से गयाजी को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की योजना है। वर्तमान में शहर में अनियोजित निर्माण के कारण सीवरेज, जल निकासी और सड़कों के चौड़ीकरण जैसी समस्याएं सामने आती हैं। प्रस्तावित योजना इन समस्याओं का स्थायी समाधान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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आधारभूत संरचना का विकास
टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बड़े मॉल, हरित पार्क और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल शहर का स्वरूप बदलेगा, बल्कि मुख्य शहर पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इस परियोजना पर पिछले दो वर्षों से कार्य चल रहा है। इसे गति देने के लिए सरकार ने पहले ही एक टाउनशिप प्लानर और एक आर्किटेक्ट की नियुक्ति की थी, जो लगातार योजना को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर, यह परियोजना गयाजी को एक आध्यात्मिक (स्पिरिचुअल) शहर के साथ-साथ एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।