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गया जी से सत्ता का संग्राम: पुस्तकालय और अंडरपास का उठा मुद्दा, सवालों से बचने नहीं पहुंची राजद विधायक; जानें

Thu, 31 Jul 2025 01:30 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी

सार

Bihar: कार्यक्रम की शुरुआत शेरघाटी को जिला बनाए जाने की मांग के मुद्दे से हुई। राजद विधायक मंजू अग्रवाल की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि के रूप में मौजूद राजद के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गोप ने कहा कि हम विपक्ष में हैं, सरकार बोलने का मौका नहीं देती। 
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सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच बुधवार को गया जिले के शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर अमर उजाला द्वारा 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बीजेपी, जेडीयू, कांग्रेस और राजद के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, लेकिन स्थानीय विधायक मंजू अग्रवाल सवालों का सामना करने से कतराते हुए कार्यक्रम से दूर रहीं। उनकी गैरहाजिरी को राजनीतिक गलियारों में सवालों से बचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

शेरघाटी को जिला बनाने पर गरमाई बहस

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कार्यक्रम की शुरुआत शेरघाटी को जिला बनाए जाने की मांग के मुद्दे से हुई। राजद विधायक मंजू अग्रवाल की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि के रूप में मौजूद राजद के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गोप ने कहा कि हम विपक्ष में हैं, सरकार बोलने का मौका नहीं देती। नीतीश कुमार के कार्यकाल में एक भी नया जिला नहीं बना। 2025 के बाद उन्हें मौका नहीं मिलेगा। वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू ने दावा किया कि अगर बिहार में कोई नया जिला बनेगा तो सबसे पहले शेरघाटी ही घोषित होगा।



एनडीए विकास के एजेंडे पर काम कर रही है और यह क्षेत्र भी जल्द इसका लाभ पाएगा। कांग्रेस नेता रजनीश कुमार ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों को नकारते हुए कहा कि शेरघाटी में आज भी रोजगार के अभाव में पलायन चरम पर है। कांग्रेस शासन के बाद कोई ठोस विकास नहीं हुआ। इस पर जेडीयू जिलाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में क्या विकास हुआ, यह सबको पता है। महागठबंधन सरकार में तो केवल परिवारों का ही विकास हुआ है।
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अंडरपास का मुद्दा बना आम लोगों की परेशानी का कारण
शेरघाटी के नई बाजार के पास जीटी रोड स्थित अंडरपास को बंद किए जाने के सवाल पर सभी दलों की घेराबंदी हुई। राजद नेता वीरेंद्र गोप ने आरोप लगाया कि कुछ रसूखदार लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अंडरपास बंद किया गया, जिससे आमजन को परेशानी हो रही है। इसके जवाब में भाजपा और जेडीयू के नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से अंडरपास बंद करने की मांग कर रहे थे। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता था और अप्रिय घटनाएं सामने आती थीं। यह फैसला सड़क निर्माण विभाग का है, जो जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी मचा घमासान
शिक्षकों द्वारा प्राइवेट कोचिंग चलाने और सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गिरावट के सवाल पर राजद नेता ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, "शेरघाटी के कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक निजी कोचिंग चला रहे हैं और शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। एनडीए नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा, "बिहार में शिक्षा सुधार की दिशा में काम हो रहा है। पूर्ववर्ती सरकार में तो चरवाहा विद्यालय जैसी योजनाएं चलाई गईं, जो शिक्षा के साथ मजाक था।"

पुस्तकालय निर्माण पर सभी चुप

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शेरघाटी क्षेत्र सहित राज्य भर की 8053 पंचायतों में छह करोड़ रुपये की लागत से पुस्तकालय स्थापित करने की योजना की भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। सवाल उठे कि पैसे खर्च होने के बावजूद अधिकतर जगहों पर पुस्तकालय नहीं खुले, न ही किताबें उपलब्ध कराई गईं। इस गंभीर सवाल का कोई भी ठोस जवाब न तो राजद के प्रतिनिधि दे पाए और न ही एनडीए के नेता। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ते रहे।

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