पितृपक्ष मेला 2026 से पहले मोक्षनगरी गयाजी का धार्मिक और सांस्कृतिक श्रृंगार पूरे भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। विष्णुपद मंदिर, सीताकुंड, देवघाट, गदाधर घाट और अक्षयवट वेदी के आसपास की दीवारों पर रामायण, श्रीहरि विष्णु, राधा-कृष्ण, छठ महापर्व और गया महात्म्य से जुड़े मनमोहक भित्तिचित्र उकेरे जा रहे हैं। इन चित्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।
गयाधाम की दीवारें बन रही आस्था की पहचान
रामायण से लेकर श्रीकृष्ण लीला तक के चित्र
अक्षयवट वेदी के समीप पेंटिंग बना रही छात्रा ज्योति कुमारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में चयन होने के बाद उन्हें यह अवसर मिला है। वह राधा-कृष्ण के मिलन और विवाह प्रसंग को दीवारों पर उकेर रही हैं। वहीं, छात्रा अनन्या नयन राम और माता सीता के पिंडदान का दृश्य मधुबनी कला शैली में बना रही हैं। उनका कहना है कि ये चित्र श्रद्धालुओं को गया के धार्मिक महत्व से जोड़ेंगे।
छठ महापर्व और बिहार की संस्कृति भी होगी प्रदर्शित
दीवारों पर केवल धार्मिक चित्र ही नहीं, बल्कि 'स्वच्छ गया-स्वस्थ गया', 'जल संरक्षण' और 'प्लास्टिक मुक्त गया' जैसे संदेश भी लिखे जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु आस्था के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लें।
बच्चों की कला से सजेगा पूरा गयाधाम
गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि पितृपक्ष मेले की तैयारियां जुलाई माह से ही शुरू कर दी गई थीं। इस बार मेले का लोगो भी गया के बच्चों द्वारा तैयार किया गया है। 'पेंट द सिटी' अभियान के तहत 27 छात्र समूहों का चयन किया गया है। यही छात्र शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और घाटों की दीवारों पर पेंटिंग बनाकर गयाजी की धार्मिक महत्ता, पितृपक्ष की परंपरा और पौराणिक कथाओं को चित्रों के माध्यम से जीवंत करेंगे।
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आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम
पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गयाजी की दीवारों पर उभरती ये रंगीन कलाकृतियां केवल शहर की सुंदरता नहीं बढ़ा रहीं, बल्कि श्रद्धालुओं का स्वागत सनातन संस्कृति, भक्ति और भारतीय कला की अनूठी छटा के साथ करने की तैयारी भी कर रही हैं। इस बार गयाधाम में आने वाले श्रद्धालुओं को हर घाट और हर दीवार पर आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गयाजी की दीवारों पर चित्रकारी करते हुए कलाकार।
पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गयाजी की दीवारों पर कुछ इस तरह पेंटिंग करके सजाया गया।